देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे के मांग लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट जारी है। अब यह प्रोटेस्ट देश के अन्य राज्यों में भी पहुंच चुका है। इस प्रोटेस्ट शामिल स्टूडेंट शिक्षामंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर जंतर-मंतर से संसद मार्च में शामिल होने के लिए हजारों लोग पहुंचे और शाम होने तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं। जिसके बाद तमाम राजनीतिक दलों ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

अब इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर पांच बिंदुओं पर एक लंबा पोस्ट लिखा। मायावती ने कहा कि ऐसी विषम स्थिति से देश को निकालना जरूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

मायावती ने एक्स पर लिखा, “काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नजदीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

बसपा चीफ ने कहा कि वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुड़ा मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।

बीएसपी चीफ ने कहा कि संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिए तो यह बेहतर होगा।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।

कॉकरोच जनता पार्टी ने ठुकराया बातचीत का प्रस्ताव, सरकार का दावा

जंतर-मंतर पर गुरुवार (23 जुलाई) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना 26वें दिन में प्रवेश कर गया। पार्टी कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पद छोड़ने की मांग पर लगातार अड़े हुए हैं। इसी बीच, सरकारी सूत्रों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत जारी रखने का प्रस्ताव भेजा गया था, हालांकि, सीजेपी के नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पढ़ें पूरी खबर।