लखीमपुरः नहीं थम रही हिंसा की आंच! राहुल- प्रियंका के बाद अखिलेश यादव भी पहुंचेंगे, पंजाब से निकल सकता है 10 हजार गाड़ियों का काफिला

सभी दलों के नेताओं में पीड़ितों के परिजनों के पास पहुंचने की होड़ लगी हुई है। अखिलेश यादव का कहना है कि मामले में नामजद लोगों की तत्काल गिरफ्तारी हो।

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा और बवाल के बाद सियासी नेताओं का आंदोलन भी अपने-अपने तरीके से जारी है। सभी दलों के नेताओं में वहां पहुंचने की होड़ लगी हुई है। कई दिन तक पुलिस हिरासत में रहने और घटनास्थल पर नहीं जाने देने के बाद बुधवार को यूपी सरकार ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और उनके भाई राहुल गांधी को वहां जाने की अनुमति दी तो अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वहां जा रहे हैं। बुधवार को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी मौके पर जाकर पीड़ितों के परिजनों से मिले थे और अपनी संवेदना जताई। गुरुवार को अखिलेश यादव का वहां पहुंचने की योजना है।

अखिलेश यादव का कहना है कि इस मामले में जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, और जो नामजद हैं उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पीड़ितों के परिजनों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। इस बीच पंजाब प्रदेश कांग्रेस की ओर से दस हजार गाड़ियों का काफिला भी कार्यकर्ताओं को लेकर पीड़ितों के परिजनों के साथ संवेदना जताने के लिए लखीमपुर जाने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत गुरुवार सुबह उत्तराखंड के रामनगर से 1000 गाड़ियों के काफिले के साथ लखीमपुर खीरी के लिए निकल रहे हैं। इससे सियासी माहौल फिर गर्म हो गया है।

उधर, आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को लखीमपुर खीरी पहुंचकर मृतक किसानों के परिजनों से मुलाकात की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी शोकाकुल परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की और गहरी संवेदना व्यक्त की। केजरीवाल ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पार्टी ने एक ट्वीट में कहा, ”आप का प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी पहुंचा। सांसद संजय सिंह, विधायक हरपाल चीमा, विधायक राघव चड्ढा और अन्य ने मृतक किसान नछत्तर सिंह के परिजनों से मुलाकात की।”

ट्वीट में कहा गया, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की।” इससे पहले सांसद संजय सिंह ने वीडियो ट्वीट करके कहा, ” मैं सीतापुर में 55 घंटे तक पुलिस हिरासत में रहा। मैंने पूछा था कि क्या मृतक किसानों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करना अपराध है? लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अब मुझे अकेले लखीमपुर जाने की इजाजत है, जहां पंजाब के नेता मुझसे मिलेंगे और फिर हम पीड़ितों के परिवारों से मिलने जाएंगे।”

इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार रात लखीमपुर के पलिया तहसील पहुंचा और रविवार को भड़की हिंसा में मारे गए चार किसानों में से एक किसान लवप्रीत सिंह के परिवार से मुलाकात की।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेता किसान के चौखड़ा फार्म स्थित आवास पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से बात की और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल रहे।

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