दक्षिण पश्चिम दिल्ली के वसंत एन्क्लेव इलाके में कार में शराब पीने का विरोध करने पर भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर और उनके आईआईटी से पढ़े बेटे पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया तथा सैन्य अधिकारी की पत्नी को धमकाया। आरोप है कि इस दौरान मौके पर मौजूद पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मी घटना स्थल पर मूकदर्शक बने रहे।
इस संबंध में बात करते हुए ब्रिगेडियर के बेटे तेजस सिंह अरोड़ा ने कहा, “उस रात करीब 10 बजे का समय था… कुछ अज्ञात लोग अपनी मर्सिडीज कार में बैठे शराब पी रहे थे। चूंकि यह एक रिहायशी सोसाइटी के भीतर था और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना अवैध है, इसलिए मैंने और मेरे पिता ने उनका विरोध किया। उन्होंने जवाब में खुद को स्थानीय बताया और वहां से जाने से इनकार कर दिया।”
तेजस ने कहा, “मैंने बहस को आगे नहीं बढ़ाते हुए PCR वैन को कॉल किया। जब पुलिस की गाड़ी पहुंची, तो अधिकारी ने हमारी शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, जो व्यक्ति शराब पी रहा था, उसने उस अधिकारी की किसी से फोन पर बात करवाई। उस बातचीत के बाद अधिकारी ने साफ तौर पर हमारी रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया।”
बकौल तेजस इसके बाद दो गाड़ियों में 7 से 8 गुंडे मौके पर पहुंच गए। कुल मिलाकर वहां लगभग 10 लोग मौजूद थे, जिन्होंने मारपीट की। जब हम थाने पहुंचे, तो करीब आधे घंटे तक उन्होंने हमारी बात सुनने से भी इनकार कर दिया। बाद में उन्होंने हमें पहले मेडिको-लीगल केस (MLC) कराने के लिए कहा और कहा कि उसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
तेजस ने आरोप लगाया कि करीब एक घंटे इंतजार करने के बाद हम सेना के R&R अस्पताल गए, जहां हमारी MLC रिपोर्ट तैयार की गई और उसे पुलिस स्टेशन भेज दिया गया। सोमवार दोपहर भारतीय सेना की CMP (कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस) और उनके स्टाफ के सहयोग से पुलिस ने FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। जो लोग कार में शराब पी रहे थे, वे महरम नगर के रहने वाले हैं और व्यापारिक पृष्ठभूमि से आते हैं।
गौरतलब है कि पुलिस ने ब्रिगेडियर की पत्नी की शिकायत पर कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर निरीक्षक (जांच) को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया मंचों पर भी प्रसारित हो रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को सैन्य अधिकारी ने अपने घर के पास खड़ी एक लग्जरी कार के अंदर दो लोगों के शराब पीने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बहस शुरू हुई। जब ब्रिगेडियर ने आपत्ति जताई, तो मौके पर जमा हुए लोगों के एक समूह ने उन पर और उनके बेटे पर हमला किया और उनकी पत्नी को भी धमकी दी। प्रारंभिक जांच के दौरान निरीक्षक/जांच अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई गई है, जिसके चलते उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।
वहीं, भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि सेना पुलिस के एक दल को अधिकारी की सहायता के लिए भेजा गया है। दिल्ली पुलिस से त्वरित जांच और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए संपर्क किया गया है। ब्रिगेडियर के बेटे, तेजस सिंह अरोड़ा ने बताया कि शनिवार रात, खाना खाने के बाद, मेरे पिता, ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा और मैं टहलने निकले थे। हमने एक लग्जरी कार के अंदर दो लोगों को खुलेआम शराब पीते और धूम्रपान करते देखा। उन्होंने उन व्यक्तियों से विनम्रतापूर्वक कहीं और जाने का अनुरोध किया, इस पर वे आक्रामक हो गए। उन्होंने दावा किया कि कुछ ही देर बाद, दो गाड़ियों में सात-आठ लोग आए और हमें पीटने लगे और मेरी मां को गालियां देने लगे।
ब्रिगेडियर की पत्नी ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनके अनुरोधों के बावजूद हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। सेना के पूर्व अधिकारी कर्नल दानवीर सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि कश्मीर के अंदरूनी इलाकों समेत अन्य स्थानों पर कई अभियानों का हिस्सा रहे ब्रिगेडियर से ‘मर्सिडीज बेंज के गुंडे’ ने सार्वजनिक रूप से शराब पीने से मना कर पर मारपीट की।
आम आदमी पार्टी ने सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को घटना का वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि एक ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी और बेटे के साथ उनकी कालोनी में जब यह हाल हो सकता है तब दिल्ली के आम लोगों की क्या बिसात? दिल्ली पुलिस पहली बार कटघरे में खड़ी नहीं हुई है।
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