जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में लाल चौक के पास आतंकवादियों ने बुधवार को पुलिस टीम पर गोलियां चला दी। इसमें एक हवलदार घायल हो गया। घायल हवलदार को तुरंत अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हवलदार का नाम आशिक हुसैन था।

अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने आशिक हुसैन को मृत घोषित कर दिया।

हमले के तुरंत बाद पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की एक संयुक्त टीम ने पूरे इलाके को खाली कराया। टीम हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है। हमले के बाद इलाके में कई और जवानों को भेजा गया।

बीते साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह घाटी में पहला आतंकी हमला है।

गोलीबारी की यह घटना दोपहर करीब 12.30 बजे हुई। अधिकारियों ने बताया कि हवलदार आशिक हुसैन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।

टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी

लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन, ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली है।

दोषियों को सजा जरूर मिलेगी- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिसकर्मी की हत्या की निंदा की और कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। सिन्हा ने X पर एक पोस्ट में कहा, ”मैं इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इस जघन्य कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

सिन्हा ने कहा कि उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से बात की है। सिन्हा ने कहा कि ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले आशिक हुसैन के परिवार के प्रति उनकी गहरी संवेदना है। उप राज्यपाल ने कहा कि पूरा देश शहीद के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

यह भी पढ़ें- बुरहान वानी के खात्मे के 10 साल बाद कितना बदला कश्मीर?

सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में ऑपरेशन के तहत बुरहान वानी को मार गिराया था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।