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VIDEO: CAA, NRC के खिलाफ चेन्नई में प्रदर्शन के बेकाबू हुई भीड़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घसीट-घसीट कर पीटा

चेन्नई के वाशरमैनपेट में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में बेकाबू हुई भीड़। प्रर्दशनकारियों को पुलिस ने घसीट-घसीट कर पीटा और सौ से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: February 15, 2020 9:25 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) पर देश के कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन अब भी जारी है। ऐसा ही एक प्रदर्शन चेन्नई के वाशरमैनपेट में हो रहा था तभी अचानक प्रर्दशनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। बेकाबू हुई भीड़ को पुलिस ने घसीट-घसीट कर पीटा और सौ से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

यह घटना शुक्रवार रात की है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो के मुताबिक इस प्रदर्शन में काफी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे और वे सीएए और एनआरसी के खिलाफ में नारे लगा रहे थे। पुलिस ने वहां बैरिकेडिंग कर रही थी, जिसे प्रदर्शनकारी हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी झड़प हुई। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद अन्ना सलाई में माउंट रोड दरगाह के पास एक विरोध प्रदर्शन किया गया।


बता दें पूरे देश में इस कानून को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। राजधानी दिल्ली के दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शकारी 2 महीने से भी ज्यादा समय से डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीएए और एनआरसी को जब तक वापस नहीं लिया जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा। शुक्रवार को फिल्मकार अनुराग कश्यप भी जामिया मिलिया इस्लामिया और शाहीन बाग पहुंचे और इस प्रदर्शन का समर्थन किया।

कश्यप ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से कहा, “मैं पहली बार यहां आया हूं। अगर हम पिछले तीन महीने की बात करें तो मुझे लगता था कि हम मर गये हैं। लेकिन आज यहां आकर मुझे लगा कि हम ज़िंदा हैं।” कश्यप ने कहा कि यह लड़ाई संविधान, देश और सभी चीजों को वापस पाने की है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत लंबी लड़ाई है। यह कल, परसों या अगले चुनाव के साथ खत्म नहीं होगी। लेकिन आपको इसके लिए बहुत धीरज रखना होगा। वे इंतजार कर रहे हैं कि यहां लोग थककर घर चले जाएं। इसलिए हमें धैर्य रखना होगा और अपने रुख पर कायम रहना होगा।”

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