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तड़के साढ़े तीन बजे PFI नेताओं के घर पहुंच गई थी पुलिस, एनआईए डायरेक्टर ने ईडी के साथ मिलकर बनाया था प्लान

दिनकर गुप्ता ने सुबह साढ़े तीन बजे आर्डर पर साईन किए। उसके तुरंत बाद से पुलिस एक्टिव हुई और 93 ठिकानों पर रेड की गई। PFI-SDPI के 45 लोगों को उठा लिया गया।

तड़के साढ़े तीन बजे PFI नेताओं के घर पहुंच गई थी पुलिस, एनआईए डायरेक्टर ने ईडी के साथ मिलकर बनाया था प्लान
2019में सीएए प्रदर्शन के बाद यूपी पुलिस ने पीएफआई पर बैन लगाने की मांग की थी। (एक्सप्रेस फोटो)

PFI-SDPI के नेताओं पर हाथ डालने से पहले एनआईए के डायरेक्टर ने विशेष रणनीति तैयार की थी। उन्होंने रात में दफ्तर भर खुलवाकार इस मोर्चे पर मंथन किया। उसके बाद ईडी के निदेशक के साथ गुफ्तगू की और तड़के तकरीबन साढ़े तीन बजे उस आर्डर पर दस्तखत किए जिसके बाद पूरे देश में पुलिस ने मुस्लिम नेताओं पर धावा बोल दिया। जवान जब उनके घरों पर धमके तो वो पूरी तरह से भौचक रह गए। किसी को भनक तक नहीं लग पाई। पुलिस ने बड़े आराम से उन्हें अंदर डाल दिया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक एनआई के डायरेक्टर दिनकर गुप्ता को पता था कि अगर दिन में ये एक्शन लिया गया तो परेशानी भी पैदा हो सकती है। उन्होंने रात भर बैठकर ईडी के डायरेक्टर संजय मिश्रा के साथ मिलकर रणनीति बनाई। 15 सूबों की पुलिस को अलर्ट मोड़ पर पहले से कर दिया गया था लेकिन उन्हें आखिरी लम्हे तक इस बात की भनक नहीं थी कि करना क्या है।

दिनकर गुप्ता ने सुबह साढ़े तीन बजे आर्डर पर साईन किए। उसके तुरंत बाद से पुलिस एक्टिव हुई और 93 ठिकानों पर रेड की गई। PFI-SDPI के 45 लोगों को उठा लिया गया। इन्हें पहले से दर्ज पांच मामलों में अरेस्ट किया गया। इन सभी के खिलाफ UAPA एक्ट के तहत आरोप हैं। सरकार के इस कदम से साफ दिखा कि इन दोनों संगठनों को वो रियायत देने के मूड़ में नहीं। भविष्य में और बड़ा एक्शन भी हो सकता है।

सरकार इस ऑपरेशन को लेकर किस कदर संजीदा है ये अंदाजा इस बात से ही लग सकता है कि अजीत डोभाल ने खुद सारे मामले को मॉनीटर किया और पल पल की खबर अमित शाह को दी। एनआईए ने इंटेलीजेंस ब्यूरो से मिले इनपुट के बाद तैयारी शुरू कर दी थी।

अमित शाह से हरी झंडी मिलने के बाद एजेंसी ने बड़े पैमाने पर धावा बोला। इंटीलेजेंस रिपोर्ट के बाद दिनकर गुप्ता ने ईडी को रणनीति में शामिल किया। पश्चिमी एशिया से हो रही फंडिंग के पैटर्न का पता लगाने के काम संजय मिश्रा ने किया। दोनों संगठनों के नेताओं पर हिंसा फैलाने के साथ तोड़फोड़ की साजिश रखने का आरोप है। कई बार इनके ठिकानों से विस्फोटक भी बरामद हो चुके हैं। एजेंसियों का मानना है कि इनके इस्लामिक देशों से लिंक हैं। ये उनके इशारे पर भारत में हिंसा फैलाने की हमेशा कोशिश में रहते हैं।

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