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आक्रोशित किसानों को रोकने में पुलिस का इंतजाम नाकाम

शुक्रवार दोपहर तक दिल्ली पुलिस की दो सुरक्षा घेरे को पार कर चुके थे किसान और तीसरे को तोड़ने के लिए लगातार पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ झड़प कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर रोकने के लिए सबसे पहले कटीली तारों को बैरिकेड पर लगाया गया था।

Author नई दिल्ली | Updated: November 28, 2020 7:34 AM
agricultural billsप्रदर्शनकारी किसानों को लाठी चलाकर रोकती पुलिस।

निर्भय कुमार पांडेय

पंजाब और हरियाणा के किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने हरियाणा से सटे सभी सीमाओं पर चौकसी बुधवार देर रात से ही बढ़ा दी थी। खासकर अलीपुर स्थित सिंघु बार्डर और टिकरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया था। लेकिन किसानों के सामने सभी इंतजाम असफल साबित हुए।

सिंघु बॉर्डर के रास्ते बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में राशन और अन्य सामग्री के साथ शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली में प्रवेश करना चाह रहे थे। किसान दिल्ली में प्रवेश न कर सकें इसके लिए दिल्ली पुलिस ने बड़े व्यापक इंतजाम कर रखे थे। पर उग्र किसानों के सामने सभी इंतजाम धरे के धरे रह गए। किसान दोपहर तक दिल्ली पुलिस की दो सुरक्षा घेरे को पार कर चुके थे और तीसरे को तोड़ने के लिए लगातार पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ झड़प कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए सबसे पहले कटीली तारों को बैरिकेड पर लगाया गया था।

उसके बाद सीमेंट के बाधक बनाए गए थे, ताकि वाहनों के साथ आने वाले किसानों के रास्तों में अवरोध पैदा किया जा सके। इसके साथ ही डंपर में मिट्टी भर कर सिंघू बार्डर पर खड़े किए गए थे, लेकिन शुक्रवार को सुबह सिंघु बार्डर पर जब किसान पहुंंचे तो पुलिस ने उन्हें रोका। किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। पर जब किसान नहीं माने और उग्र होने लगे तो पुलिस ने उन पर आंसू गैंस के गोले दागे। गुस्साए किसानों ने पूरे इलाके को घेर लिया और पुलिस के साथ झड़प करने लगे।

आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद गुस्साए किसानों ने सबसे पहले कटीले तारों के लगाए गए बैरेकेड को तोड़ डाले और उसके बाद लोहे के बैरिकेड को अपनी ओर खींचकर ले गए, ताकि पुलिस दोबारा से उन बैरिकैड को लगा न सके। इसके बाद ट्रैक्टर की मदद से किसानों ने सीमेंट के बैरिकैड को भी हटाने में काफी हद तक सफल रहे। किसानों ने बताया कि यदि पुलिस दोपहर बाद भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं देती तो घेरे को जल्दी ही तोड़ दिया जाता। पंजाब के किसान जतेंदर सिंह ने बताया इससे पहले भी पंजाब और हरियाणा के कई जिले में रोकने की कोशिश की गई थी लेकिन किसान दिल्ली के सिंघु बार्डर तक पहुंने में सफल हो गए थे।

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