दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के सामने कांग्रेस सांसद, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में धरने पर बैठे थे। हालांकि कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं और बसों में कांग्रेस नेताओं को भरकर पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई क्रांति की शुरुआत- रणदीप सिंह सुरजेवाला
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “यह अंत नहीं है। यह राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई क्रांति की शुरुआत है। वे हमें जेल में डाल सकते हैं, लाठीचार्ज कर सकते हैं, या हमारे साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं, लेकिन मोदी जी को भारत के उन लाखों बेटे-बेटियों को जवाब देना होगा जिन्होंने अपना भविष्य खो दिया है और पेपर लीक के कारण अपने परिवारों की उम्मीदें खत्म होते देखी हैं। यह क्रांति अब एक बड़ी आग बनेगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में, इसे रोका नहीं जा सकेगा।”
राहुल गांधी ने लोगों से अपने प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी देशभक्त भारतीय हमारे धरने में शामिल हों। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हमला हर एक भारतीय परिवार पर हमला है और छात्रों की आवाज दवाई नहीं जा सकती।
राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए- जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए। जितेंद्र सिंह ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि श्री राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड़ के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये हैं। सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत, मुझे स्वंय और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव, श्री गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने हेतु मौके पर भेजा। श्री राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है। श्री राहुल गांधी जी ने यह मांग रखी कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें। कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद, श्री राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।”
जितेंद्र सिंह ने आगे कहा, “राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे अपितु उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गयी हैं। जब उनकों विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें।”
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सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने हाई कोर्ट से अपील की थी कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान SG तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
