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विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले- PoK है भारत का हिस्सा, जल्द होगा देश के अधिकार क्षेत्र में

उन्होंने बताया, "पीओके पर हमारी स्थिति हमेशा से साफ रही है और यह आगे भी स्पष्ट रहेगी। पीओके भारत का हिस्सा है और हमें उम्मीद है कि एक दिन भौगोलिक रूप से इस पर हमारा अधिकार-क्षेत्र होगा।

Jammu and Kashmir, PoK, India, Dr Subrahmanyam Jaishankar, External Affairs Minister, PoK, Pakistan Occupied Kashmir, India, Breaking News, India News, Latest News, National News, Hindi Newsविदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर। (फाइल फोटो)

विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा है। मंगलवार (17 सितंबर, 2019) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया, “पीओके पर हमारी स्थिति हमेशा से साफ रही है और यह आगे भी स्पष्ट रहेगी। पीओके भारत का हिस्सा है और हमें उम्मीद है कि एक दिन भौगोलिक रूप से इस पर हमारा अधिकार-क्षेत्र होगा।

दरअसल, कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने कहा था कि अगर पाकिस्तान से बात होगी, तब वह सिर्फ पीओके पर होगी। ऐसा बयान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह पहले दे चुके हैं। इसी पर कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्री से सवाल हुआ, जिस पर उन्होंने पीओके को देश का हिस्सा करार दिया।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में शुरुआती 100 दिनों में विदेश मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने चीन की बेल्ट ऑन रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पर भी भारत का रुख साफ किया। कहा, “बीआरआई पर पुनःविचार…जवाब न है।”

उन्होंने आगे बताया- जी-20 और ब्रिक्स सरीखे बड़े मंचों पर अब बड़े विषयों पर आज भारतीय आवाजों को और मुखर तरीके से सुना जा सकता है। हमारी राष्ट्रीय नीति व विदेश नीति के लक्ष्य पहले से अधिक मजबूत हुए हैं।

बकौल एस.जयशंकर, “हम पिछले 100 दिनों में अफ्रीका में काफी सक्रिय रहे। अफ्रीका में 18 दूतावास खोलने को लेकर भी काम जारी है।” पाकिस्तान का जिक्र करते हुए बोले- अनुच्छेद 370 मसला नहीं है, बल्कि पाकिस्तानी आतंकी चुनौती हैं। हमें दुनिया को यह बात महसूस करानी होगी।

इतना ही नहीं, विदेश मंत्री ने कहा कि विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण को लेकर भी दरख्वास्त दी गई है। हम उसे देश वापस लाना चाहते हैं और उसी दिशा में काम कर रहे हैं। कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर डॉ.जयशंकर का कहना था कि हमारा मकसद उन्हें काउंसलर एक्सेस दिलाना है।

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए वह बोले- भारत ‘पड़ोस प्रथम’ की नीति को आगे बढ़ा रहा है, पर उसके सामने एक पड़ोसी की ‘अलग तरह की चुनौती’ है, जिसे सामान्य व्यवहार करने और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है।

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