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फरवरी में मोदी सरकार द्वारा निलंबित पासपोर्ट पर विदेश यात्राएं कर रहा नीरव मोदी

14 फरवरी को नीरव ने हॉन्गकॉन्ग छोड़ दिया। इसका मतलब यह हुआ कि जिस समय भारत सरकार ने हॉन्गकॉन्ग अथॉरिटी से नीरव को गिरफ्तार करने की गुजारिश की थी उस वक्त वो हॉन्गकॉन्ग में था ही नहीं।

पीएनबी महाघोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी। (फोटोः फेसबुक)

मशहूर हीरा कारोबारी और भारत में वांटेड नीरव मोदी इस वक्त कहां है? इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी सरकार के पास नहीं है। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नीरव मोदी अभी न्यूयॉर्क में है और वो अभी तक भारत सरकार द्वारा निलंबित किये गये अपने पासपोर्ट पर ही विदेश घूम रहा है। नीरव मोदी ने अपने खिलाफ सीबीआई जांच शुरू होने से पहले ही जनवरी के महीने में भारत छोड़ दिया था। पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ों रुपये लोन लेकर नीरव विदेश में बैठा है। सूत्रों के मुताबिक नीरव पहले मुंबई से यूएई गया, उसके बाद हॉन्गकॉन्ग और लंदन। इसके बाद मार्च के महीने उसने यूके छोड़ दिया और अभी फिलहाल वो न्यूयॉर्क में है।

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है की 14 फरवरी को नीरव ने हॉन्गकॉन्ग छोड़ दिया। इसका मतलब यह हुआ कि जिस समय भारत सरकार ने हॉन्गकॉन्ग अथॉरिटी से नीरव को गिरफ्तार करने की गुजारिश की थी उस वक्त वो हॉन्गकॉन्ग में था ही नहीं। 12 अप्रैल को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बतलाया था कि हमारे द्वारा दी गई सूचना के बारे में हॉन्गकॉन्ग अथॉरिटी विचार कर रही है और नीरव मोदी की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रयास किये जा रहे हैं।

फिलहाल भारत सरकार नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या जैसे डिफॉल्टरों को भारत वापस लाने के प्रयास में जुटी है। इस बीच केंद्र सरकार ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ एक नया अध्यादेश भी लाया है। इस अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है कि भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति बेचकर कर्ज देने वालों के नुकसान की भरपायी की जा सकेगी और आरोपी देश लौटने के बाद अपनी प्रॉपर्टी पर दावा भी नहीं कर सकेगा।

आपको बता दें कि फर्जी साखपत्रों के जरिए बैंक से 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज घोटाला करने के आरोपी आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चौकसी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रही है। नीरव मोदी और उनके साझेदार जांच शुरू होने के पहले ही देश से फरार हो गए। अब बैंक के सामने कर्ज की रकम की वसूली की चुनौती है।

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