ताज़ा खबर
 

ब्रिटिश कोर्ट में तीसरी बार नीरव मोदी की जमानत अर्जी खारिज, PNB घोटाले का है आरोपी

PNB Scam Case: बता दें कि पीएनबी घोटाले के सिलसिले में उसे 19 मार्च को स्कॉटलैंड यार्ड से गिरफ्तार किया गया था।

Nirav Modi Case: पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी। (फाइल फोटोः fb/NIRAVMODIjewels)

PNB Scam Case: तकरीबन 13 हजार करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटिश कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। बुधवार देर शाम (भारतीय समयानुसार) वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। यह तीसरा मौका था, जब उसकी बेल संबंधी याचिका खारिज की गई। मामले की अगली सुनवाई अब 30 मई को होगी। आरोपी हीरा कारोबारी को तब कोर्ट के समक्ष पेश होना पड़ेगा। बता दें कि पीएनबी घोटाले के सिलसिले में उसे 19 मार्च को स्कॉटलैंड यार्ड से गिरफ्तार किया गया था।

‘पीटीआई’ की रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्टमिंस्टर कोर्ट में जज ने नीरव मोदी की बेल याचिका यह कहते हुए खारिज की कि हीरा कारोबारी सरेंडर नहीं करेगा। हल्के नीले रंग की शर्ट और ट्राउजर में 48 वर्षीय हीरा कारोबारी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा अबर्थनॉट के समक्ष पेश हुआ।

इससे पहले, एक मई को उसकी ओर से यह जमानत याचिका दी गई थी, जबकि 29 मार्च को दूसरी बार उसकी बेल याचिका रद्द कर दी गई थी। कोर्ट ने तब भी यही आशंका जताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है कि पीएनबी घोटाले का आरोपी सरेंडर नहीं करेगा।

दरअसल, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और अन्य आरोपियों के खिलाफ इस मामले में फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोप हैं। पिछले साल 29 जनवरी पुलिस ने इन सभी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। फिर एक महीने बाद फरवरी में मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुरू की। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नीरव मोदी के घर और दफ्तरों से बेशकीमती हीरे, सोना और गहने जब्त कर लिए थे।

नीरव मोदी फिलहाल प्रत्यर्पण की कार्रवाई का सामना कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे वैंड्सवर्थ की हर मैजेस्टी प्रिजन (एचएमपी) में रखा गया है, जहां वह अपने वकीलों और कानूनी जानकारों की टीम के साथ मुलाकात भी कर सकता है।

Next Stories
1 इटली की पत्रकार का दावा- बालाकोट एयर स्‍ट्राइक में मरे थे 170 आतंकी, परिवार को मुआवजा की भी पेशकश
2 NRC पर असम सरकार को SC की दो टूक- 31 जुलाई तक प्रकाशित करें फाइनल लिस्ट, एक दिन की भी नहीं हो देरी
3 जजों की नियुक्ति पर फिर टकराव! मोदी सरकार ने लौटाए सुप्रीम कोर्ट के सुझाए नाम
ये पढ़ा क्या?
X