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पीएनबी घोटाला: मेहुल चोकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ी, सौंपा पासपोर्ट

PNB Scam: 22 फरवरी को एंटीगुआ स्थित कोर्ट में चोकसी के प्रत्यर्पण पर सुनवाई होनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि उसने भारत लाए जाने की कार्रवाई से बचने के लिए भारतीय नागरिकता छोड़ी है।

मेहुल चोकसी ने जमा की नरेंद्र मोदी पर पीएचडी थीसिस (फाइल फोटोः पीटीआई)

PNB Scam: साढ़े 13 हजार करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। कैरेबियाई देश एंटीगुआ स्थित भारत के उच्चायोग में उसने भारतीय पासपोर्ट (प.सं-जेड3396732 कैंसल्ड बुक्स के साथ) जमा करा दिया है। चोकसी ने इसके अलावा 177 अमेरिकी डॉलर का ड्राफ्ट भी जमा कराया। हालांकि, इससे भारत की अदालतों में उसके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रियाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पर उसे भारत लाना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है।

नागरिकता छोड़ने पर क्या बोला भगोड़ा कारोबारी?: विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित नारंग द्वारा गृह मंत्रालय को दी गई सूचना के हवाले से एक हिंदी चैनल पर बताया गया कि नागरिकता छोड़ने वाले फॉर्म में चोकसी ने अपने नए पते की जगह पर जॉली हार्बर, सेंट मार्कस, एंटीगुआ लिखा था। हाईकमीशन से चोकसी ने कहा, “मैंने नियमों के तहत एंटीगुआ की नागरिकता ली है, जिसके बाद भारत की नागरिकता छोड़ी।”

…तो इस वजह से उठाया यह कदमः 22 फरवरी को एंटीगुआ स्थित कोर्ट में चोकसी के प्रत्यर्पण पर सुनवाई होनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि उसने भारत लाए जाने की कार्रवाई से बचने के लिए भारतीय नागरिकता छोड़ी। इसी बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय और एजेंसियो से रिपोर्ट मांगी है।

पहले ही पा चुका था विदेशी नागरिकताः जानकारों के मुताबिक, इस ताजा घटनाक्रम के बाद चोकसी को भारत लाना नरेंद्र मोदी सरकार और एजेंसियों के लिए मुश्किल हो गया है। इससे पहले, भगोड़े कारोबारी ने एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली थी। तब उसे मुंबई पुलिस की मंजूरी के बाद नागरिकता दी गई थी।

विदेश मंत्रालय मामा-भांजे के पासपोर्ट कर चुकी कैंसलः याद दिला दें कि पिछले साल भारतीय विदेश मंत्रालय ने चौकसी और उसके भांजे नीरव मोदी (पीएनबी घोटाले का आरोपी) के पासपोर्ट निरस्त कर दिए थे। चोकसी उसके बाद विदेश भाग गया था, जहां दावा किया था कि उसने पीएनबी को बकाया रकम चुकाने का प्रस्ताव दिया था।

साढ़े 4 हजार करोड़ी की संपत्तियां हो चुकीं जब्तः मामले की जांच सीबीआई और ईडी के पास है, जिसने चोकसी समेत कुछ पीएनबी कर्मचारियों के नाम चार्जशीट में दर्ज किए थे। चोकसी, मोदी के खिलाफ आर्थिक भगोड़ा अधिनियम के तहत कार्रवाई हो रही है, जबकि उसकी साढ़े चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त हो चुकी हैं।

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