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12 हजार पन्‍नों की चार्जशीट: पूर्व पीएनबी एमडी को पता था नीरव मोदी का घपला, आरबीआई को दिया झांसा

सीबीआई द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट के आधार पर सीबीआई की विशेष अदालत ने नीरव मोदी, उसके भाई निशल और नीरव मोदी ग्रुप के अधिकारी सुभाष परब के खिलाफ नया गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

पीएनबी घोटाले में सीबीआई ने दाखिल की 12000 पन्नों की चार्जशीट। (image source-Reuters)

पंजाब नेशनल बैंक में हुए करीब 13000 करोड़ रुपए के घोटाले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। 12 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में सीबीआई ने आरोप लगाए हैं कि पंजाब नेशनल बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ ऊषा अनंतसुब्रमण्यन और अन्य वरिष्ठ बैंक अधिकारियों को नीरव मोदी द्वारा किए गए घोटाले की पहले से जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद इन अधिकारियों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को गुमराह किया। वहीं सीबीआई द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट के आधार पर सीबीआई की विशेष अदालत ने नीरव मोदी, उसके भाई निशल और नीरव मोदी ग्रुप के अधिकारी सुभाष परब के खिलाफ नया गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

चार्जशीट में कहा गया है कि अक्टूबर 2016 से लेकर रिजर्व बैंक ने कई बार पीएनबी से एलओयू (लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग) और एलओसी (लेटर ऑफ क्रेडिट) जारी करने के दिशा-निर्देश की जानकारी मांगी थी। लेकिन बैंक की एमडी ऊषा अनंतसुब्रमण्यन और अन्य बैंक अधिकारियों केवी ब्रह्माजी राव, संजीव सरन और नेहल अहद द्वारा रिजर्व बैंक को गुमराह किया गया। 12000 पन्नों की चार्जशीट में आगे लिखा गया है कि पीएनबी घोटाला जैसा ही एक अन्य घोटाला रिजर्व बैंक द्वारा साल 2016 में पकड़ा गया था, जिसके बाद रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को इस संबंध में नोटिस जारी किया था। चार्जशीट में कहा गया है कि अनंतसुब्रमण्यन समेत अन्य बैंक अधिकारी पीएनबी, दुबई और इंडियन ओवरसीज बैंक, चंडीगढ़ में हुए इस घोटाले के बारे में जानते थे, लेकिन इसके बावजूद पीएनबी के अधिकारियों ने लापरवाही बरती और चुपचाप रहकर सारा घोटाला होते देखते रहे, जिससे पीएनबी बैंक को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि नीरव मोदी ग्रुप का सीनियर अधिकारी विपुल अंबानी पीएनबी की एमडी ऊषा अनंतसुब्रमण्यन के लगातार संपर्क में रहा। जिससे साफ पता चलता है कि इस घोटाले की ऊषा अनंतसुब्रमण्यन को पहले से ही जानकारी थी। सीबीआई का कहना है कि पीएनबी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए संरक्षण के कारण ही नीरव मोदी और उसके साथी पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रांच में इतना बड़ा घोटाला करने में सफल हुए। सीबीआई का आरोप है कि पीएनबी की पूर्व एमडी और अन्य बैंक अधिकारी घोटाले को रोकने के लिए जरुरी कदम उठाने में नाकाम रहे। इस मामले में साजिश की गई।

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