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मोदी सरकार ने माना, पीएमओ को 2016 में थी पीएनबी फ्रॉड की जानकारी

मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केन्द्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तो जब मेहुलभाई 4 जनवरी, 2018 को देश छोड़कर जा चुके थे, तब वित्त मंत्रालय ने 1 मार्च 2018 को पीएमओ को कारवाई करने की जानकारी दी।

Author September 12, 2018 11:08 AM
कांग्रेस का आरोप पीएनबी घोटाले के बारे में पीएमओ को काफी पहले से थी जानकारी। (express photo)

पीएनबी घोटाले को लेकर कांग्रेस केन्द्र सरकार पर हमलावर हो गई है। सोमवार को कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा ‘नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के भारत छोड़कर जाने से बहुत पहले साल 2016 में ही पीएमओ को पीएनबी घोटाले के बारे में जानकारी हो गई थी।’ यह बात पहले तक छिपी हुई थी, लेकिन 24 जुलाई को राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के बाद यह सार्वजनिक हो गई। कांग्रेस ने सोमवार को राज्यसभा के उस सवाल को मु्द्दा बनाकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। बता दें कि राज्यसभा में सरकार से एक सवाल में पूछा गया था कि “क्या यह एक तथ्य है कि सार्वजनिक बैंक पीएनबी को घाटोले के बारे में पीएमओ को साल 2016 से ही जानकारी थी, यदि ऐसा है तो पीएमओ ने इस संबंध में क्या कदम उठाए और यदि कोई कदम नहीं उठाए गए तो उसका क्या कारण है?”

इस सवाल का जवाब केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री ने दिया। अपने जवाब में उन्होंने कहा कि “जी हां, शिकायत के संबंध में संबंधित विभागों वित्त सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय को 1 मार्च 2018 को कार्यालय ज्ञापन के जरिए घोटाले के बारे में सूचित किया गया था।” मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केन्द्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तो जब मेहुलभाई 4 जनवरी, 2018 को देश छोड़कर जा चुके थे, तब वित्त मंत्रालय ने 1 मार्च 2018 को पीएमओ को कारवाई करने की जानकारी दी। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि इस मामले में पीएमओ भी शामिल था क्योंकि इतने लंबे समय तक इस मुद्दे पर कोई कारवाई नहीं की गई।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे भी बुरा ये है कि विदेश मंत्रालय ने मई-जून 2017 को मेहुल चोकसी को एंटीगुआ की सिटीजनशिप लेने के लिए क्लीन चिट दे दी! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अप्रैल, 2018 को एंटीगुआ के प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। लेकिन इस मुलाकात के दौरान भी मेहुल चोकसी का मुद्दा नहीं उठाया गया। एंटीगुआ सरकार का कहना है कि उन्होंने मेहुल चोकसी को नागरिकता इसलिए दी क्योंकि भारत ने कभी भी उनसे इस मुद्दे पर संपर्क नहीं किया। सुरजेवाला ने इस बात का भी जिक्र किया कि 23 जून, 2018 को दावोस में नीरव मोदी, पीएम मोदी के साथ एक ऑफिशियल ग्रुप फोटोग्राफ में भी दिखाई दिया था। सुरजेवाला ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कानून के रखवाले ही अपराधियों को संरक्षण देने लग जाएं तो इससे देश को क्या उम्मीद हो सकती है?

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