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पीएनबी फ्रॉड में नया खुलासा: 12 हजार महीना कमाने वालों ने चौकसी को दे डाला 2500 करोड़ का लोन!

सूत्रों के अनुसार, गीतांजलि जेम्स को लोन देने वाली कंपनियां एशियन इम्पैक्स, प्रीमियर इंटरट्रेड और आइरिश मर्केन्टाइल के कुछ बेहद ही कम तनख्वाह पाने वाले डायरेक्टर्स ने चेक में छूट दी।

मेहुल चोकसी (EXPRESS PHOTO)

पंजाब नेशनल बैंक में हुए 13400 करोड़ रुपए के घोटाले में एक नया खुलासा हुआ है। दरअसल, जांच में पता चला है कि मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स को 2500 करोड़ रुपए का लोन देनी वाली कंपनी के डायरेक्टर्स 12000-15000 रुपए महीने की तनख्वाह पाने वाले लोग हैं। सूत्रों के अनुसार, गीतांजलि जेम्स को लोन देने वाली कंपनियां एशियन इम्पैक्स, प्रीमियर इंटरट्रेड और आइरिश मर्केन्टाइल के कुछ बेहद ही कम तनख्वाह पाने वाले डायरेक्टर्स ने चेक में छूट दी। ऐसे में मामला शैल कंपनियों से जुड़ा हुआ लगता है। बता दें कि दिवालिया संबंधी नियमों के मुताबिक, एक संचालक लेनदार वह व्यक्ति या ईकाई होता है, जिसका संचालित ऋण बकाया है और इसमें वह व्यक्ति भी शामिल होता है, जिसे यह ऋण कानूनी तौर पर स्थानांतरित किया जाता है। ये लोग किसी भी कंपनी या देनदार के लिए सामान या सर्विस के सप्लायर होते हैं। ऐसे में, बेहद कम तनख्वाह पाने वाले लोगों के लेनदार कंपनियों में डायरेक्टर्स होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

आसान शब्दों में इस मामले को समझें तो शैल कंपनियां जो सिर्फ कागजों पर होती हैं, वो चेक में छूट देती हैं। ये शैल कंपनियां, जिनका कोई बिजनेस नहीं होता, सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के फर्जी बिल अन्य कंपनियों (मान लिया abc) को देती हैं। पेमेंट का चेक भी शैल कंपनियों के नाम पर ही आता है। इसके बाद ये शैल कंपनियां इस चेक को बैंक में जमा कराती हैं। इसके बदले में मिली रकम या चेक को दूसरी शैल कंपनियों के खाते में जमा करा देती हैं। खास बात ये ही कि दूसरी शैल कंपनी भी abc कंपनी की ही होती है। इस काम के बदले में इन शैल कंपनियों को एक प्रतिशत का कमीशन मिलता है। चेक में छूट आमतौर पर लिक्विडिटी जनरेट करने के उद्देश्य से दी जाती है।

फिलहाल, जांच एजेंसियों ने इन कथित डायरेक्टर्स के बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के अनुसार, ये कथित डायरेक्टर्स साउथ मुंबई के ओपेरा हाउस में डायमंड सॉर्टर्स के तौर पर काम करते हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि ऋण देने वाली कंपनियां मेहुल चौकसी की ही हैं और चौकसी ने ऋण को डायवर्ट करने के लिए ही इन शैल कंपनियों का इस्तेमाल किया। वहीं, मेहुल चौकसी के वकील संजय एबॉट का कहना है कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। उल्लेखनीय है कि मेहुल चौकसी और उनके भांजे नीरव मोदी पीएनबी में हुए एलओयू घोटाले के बाद सीबीआई और ईडी की जांच के दायरे में आ गए हैं। दोनों ही आरोपी फिलहाल देश से बाहर हैं और पीएनबी घोटाले के खुलासे से कुछ हफ्ते पहले ही वह विदेश चले गए थे।

 

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