प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधिकारियों ने बुधवार को निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने की उपलब्धि हासिल करने के लिए नरेन्द्र मोदी को बधाई दी। भारत के इतिहास में केवल 6 ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने के बाद देश के प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व किया है। जी हां, देश के इतिहास में अब तक केवल 6 ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शासन किया और बाद में देश की कमान प्रधानमंत्री के तौर पर संभाली।

इन 6 नेताओं में वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा मोरारजी देसाई, पीवी नरसिम्हा राव, वीपी सिंह, एचडी देवगौड़ा और चौधरी चरण सिंह शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन नेताओं के संयुक्त कार्यकाल की तुलना में नरेंद्र मोदी का प्रशासनिक अनुभव सबसे लंबा रहा है। गुजरात और केंद्र में अपने कार्यकाल के दौरान कुल 9010 दिनों तक पद पर रहने वाले नरेंद्र मोदी भारत में किसी भी सरकार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रमुख हैं। वे सिक्किम के मुख्यमंत्री के तौर पर पवन चामलिंग के 8931 दिनों के कार्यकाल से आगे हैं।

दोनों पदों पर मिलाकर 2 हजार दिनों से अधिक समय तक शासन

दिलचस्प बात यह है कि 6 में से केवल नरेंद्र मोदी, मोरारजी देसाई और नरसिम्हा राव ने दोनों पदों पर मिलाकर 2000 दिनों से अधिक समय तक शासन किया। वहीं, चौधरी चरण सिंह और वीपी सिंह दोनों ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के बाद प्रधानमंत्री बने। इन 6 नेताओं ने अलग-अलग दौर में भारत का नेतृत्व किया और हर एक ने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी। आइए इन छह राजनेताओं के कुल कार्यकाल पर एक नजर डालते हैं।

सभी 6 नेताओं का कार्यकाल

नरेंद्र मोदी – 9,010+ दिन
मोरारजी देसाई – 2,512 दिन
पीवी नरसिम्हा राव – 2,261 दिन
वीपी सिंह – 1,115 दिन
एचडी देवगौड़ा – 863 दिन
चौधरी चरण सिंह – 726 दिन

नरेंद्र मोदी 9000 दिनों से अधिक समय तक नेतृत्व कर चुके

नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य का नेतृत्व किया। मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से वह लगातार केंद्र की सत्ता में हैं और 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को जोड़ दें तो नरेंद्र मोदी 9,010 दिनों से अधिक समय तक निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर चुके हैं। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 4611 दिन शासन किया। इसके बाद 26 मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पारी शुरू हुई जो 10 जून 2026 तक 4399 दिनों की हो चुकी है।

वह भारत के इतिहास में किसी भी निर्वाचित सरकार के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रमुख हैं। इस मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग को भी पीछे छोड़ दिया है, जिनका कार्यकाल 8,931 दिनों का रहा था। चामलिंग 1994 से 2019 तक लगातार सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे थे और लंबे समय तक यह रिकॉर्ड उनके नाम था।

मोरारजी ने दोनों पदों पर 2500 से ज्यादा दिन सेवाएं दी

भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई उन शुरुआती नेताओं में थे जिन्होंने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर नेतृत्व किया। वह संयुक्त बॉम्बे राज्य के मुख्यमंत्री रहे और बाद में जनता पार्टी सरकार के दौरान 1977 में प्रधानमंत्री बने। मोरारजी इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। वे 21 मार्च 1952 से 31 अक्टूबर 1956 तक संयुक्त बॉम्बे राज्य के मुख्यमंत्री रहे, जहां उनका कार्यकाल 1,655 दिनों का रहा। बाद में 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने 857 दिन सेवा दी। दोनों पदों पर उनका कुल कार्यकाल 2,512 दिनों का रहा।

पीवी नरसिम्हा राव का संयुक्त कार्यकाल

पीवी नरसिम्हा राव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शासन किया और बाद में 1991 में प्रधानमंत्री बने। वे 30 सितंबर 1971 से 10 जनवरी 1973 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और 469 दिनों तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 1,792 दिनों का रहा। इस प्रकार दोनों पदों पर उनका संयुक्त कार्यकाल 2,261 दिनों तक रहा।

वीपी सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे

वीपी सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और 1989 में प्रधानमंत्री बने। वीपी ने 9 जून 1980 से 19 जुलाई 1982 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 771 दिन काम किया। बाद में 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 344 दिनों का रहा। दोनों पदों को मिलाकर उनका कुल कार्यकाल 1,115 दिनों का रहा।

हजार दिनों से भी कम रहा देवगौड़ा का कार्यकाल

कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे एचडी देवगौड़ा 1996 में प्रधानमंत्री बने। हालांकि उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा। देवगौड़ा 11 दिसंबर 1994 से 31 मई 1996 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे और 538 दिनों तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने 325 दिन सेवा दी। उनका संयुक्त कार्यकाल 863 दिनों का रहा।

चरण सिंह ने दो बार यूपी की बागडोर संभाली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति में किसान हितों के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। राज्य स्तर पर लंबा राजनीतिक अनुभव हासिल करने के बाद वह 1979 में प्रधानमंत्री बने। हालांकि उनका कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा। वे दो अलग-अलग अवधियों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, पहली बार 3 अप्रैल 1967 से 25 फरवरी 1968 तक और दूसरी बार 18 फरवरी 1970 से 1 अक्टूबर 1970 तक। दोनों कार्यकालों को मिलाकर उन्होंने 555 दिनों तक मुख्यमंत्री पद संभाला। बाद में 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 171 दिनों का रहा। इस प्रकार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनका कुल कार्यकाल 726 दिनों का रहा।

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