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“आज भी, हम अधीर और बेचैन हैं”, बोले PM मोदी- चैन से बैठने का हमारा कोई हक नहीं

पीएम ने कहा, “आज हिंदुस्तान का हर नागरिक नतीजे चाहता है और सरकारों को काम करते हुए देखना चाहता है। वह अपनी आंखों के सामने परिणाम पाना चाहता है।”

PM Narendra Modi, bjp
बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के दौरान पीएम मोदी(फोटो सोर्स: ट्विटर/@BJP4India)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 20 मई को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “आज देश के 18 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, पार्टी के 400 से अधिक सांसद हैं और राज्यसभा में भी वर्षों के बाद वह 100 के आंकड़े को छूने जा रही है लेकिन इसके बाद भी चैन से बैठने का हमारा कोई हक नहीं है।”

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिन्होंने देश और पार्टी के लिए अपना जीवन खपा दिया है वह भाजपा के कार्यकर्ताओं को आराम करने की इजाजत नहीं देते। उन्होंने कहा, “भाजपा की इतनी अच्छी विजय पताका फहर रही है लेकिन आज भी, हम अधीर और बेचैन हैं, क्योंकि हमारा असली लक्ष्य भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए जान देने वालों ने देखा था।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में दुनिया में भारत को लेकर एक विशेष भावना पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह से देश की जनता भी भाजपा के प्रति एक विशेष लगाव रखती है और बहुत उम्मीद से देख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता की आकांक्षाओं से भाजपा जैसे राजनीतिक दल का दायित्व भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

आजादी की 100वीं वर्षगांठ की यात्रा में बचे 25 सालों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि देश के लोगों की जो उम्मीदें हैं, हमें उन्हें पूरा करना है। देश के सामने जो चुनौतियां हैं, उन्हें हमें देश के लोगों के साथ मिलकर पार करना है। विजय के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश के लोगों में निराशा का माहौल था और सरकारों से उनकी उम्मीदें समाप्त हो गई थीं लेकिन 2014 में हुए आम चुनाव में देश की जनता ने एक नया इतिहास लिखने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 के बाद भाजपा, देश को इस सोच से बाहर निकाल कर लाई है। देश में आज निराशा का भाव नहीं है आशा और अपेक्षा का युग है। आज भारत के लोग आकांक्षाओं से भरे हैं।

पीएम ने कहा, “आज हिंदुस्तान का हर नागरिक नतीजे चाहता है और सरकारों को काम करते हुए देखना चाहता है। वह अपनी आंखों के सामने परिणाम पाना चाहता है।” उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक नफा नुकसान से अलग, मैं इसे जनमानस में आया बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन मानता हूं।’’

उन्होंने कहा, “हमें सत्ता भोग ही करना होता तो भारत जैसे विशाल देश में कोई भी सोच सकता है, अरे इतना सारी उपलब्धियां मिल गईं, अब तो बैठो, आराम करो, लेकिन जी नहीं, यह रास्ता हमारे लिए नहीं है। यह रास्ता हमें मंजूर ही नहीं है।”

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