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नरेंद्र मोदी में किया JNU में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण, निशंक ने बताया ऐतिहासिक दिन

पीएम ने कहा कि मेरी कामना है कि जेएनयू में लगी स्वामी जी का ये मुजस्समा सभी को प्रेरित करे, ऊर्जा से भरे। हिम्मत दे जिसे स्वामी विवेकानंद हर शख्स में देखना चाहते थे।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: November 12, 2020 9:12 PM
jnu campus, jnu vivekananda statue, jnu pm modi, modi speech jnu, narendra modi jnu speech, modi vivekanandaपीएम मोदी ने जेएनयू परिसर में लगी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जवाहरलाल नेहरु युनिवर्सिटी (JNU) परिसर में लगी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया। प्रतिमा के अनावरण के बाद पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद- अमर रहें के नारे भी लगवाए और कहा कि जेएनयू में विवेकानंदजी की प्रतिमा यहां के हर युवा को राष्ट्र के प्रति श्रद्धा और प्रेम सिखाए, यही स्वामीजी युवाओं में देखना चाहते थे।

पीएम ने कहा कि मेरी कामना है कि जेएनयू में लगी स्वामी जी का ये मुजस्समा सभी को प्रेरित करे, ऊर्जा से भरे। हिम्मत दे जिसे स्वामी विवेकानंद हर शख्स में देखना चाहते थे। पीएम ने कहा कि ये मुजस्समा वो करुणाभाव सिखाए, दया सिखाए जो स्वामी जी के दर्शन के मुख्य आधार रहे हैं। पीएम ने कहा “ये प्रतिमा विजन ऑफ वन नेस के लिए प्रेरित करे, जो स्वामीजी के चिंतन की प्रेरणा रहा है। ये प्रतिमा देश को यूथ डेवलपमेंट के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।”

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा “जेएनयू के इस कैम्पस में एक बेहद लोकप्रिय जगह है। साबरमती ढाबा। क्लास के बाद इस ढाबे पर जाते हैं और चाय पराठे के साथ डिबेट करते हैं, आइडिया एक्सचेंज करते हैं। पेट भरा हो तो डिबेट में मजा आता है। आपके आइडियाज, डिबेट, डिस्कशन की जो भूख साबरमती ढाबे में मिटती थी, अब स्वामीजी की प्रतिमा की छत्रछाया में इसके लिए एक और जगह मिल गई है।”

पीएम मोदी ने कहा “राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता अपनी विचारधारा को देने से सबसे ज्यादा नुकसान लोकतंत्र को पहुंचा है। मेरी विचारधारा के हिसाब से ही देशहित के बारे में सोचूंगा, ये रास्ता सही नहीं, गलत है। आज हर कोई अपनी विचारधारा पर गर्व करता है। हमारी विचारधारा राष्ट्रहित के विषयों में राष्ट्र के साथ नजर आनी चाहिए, राष्ट्र के खिलाफ नहीं।”

मोदी ने कहा “एक चीज पर खासतौर पर बात करना चाहता हूं। ह्यूमर। हंसी-मजाक। ये लुब्रीकेटिंग फोर्स है। अपने भीतर स्प्रिट ऑफ ह्यूमर को जिंदा रखें। कभी-कभी नौजवानों को देखते हैं, जैसे पूरी दुनिया का बोझ उनके सिर पर है। कभी-कभी कैम्पस की पढ़ाई, पॉलिटिक्स में हम ह्यूमर को ही भूल जाते हैं। इसे बचाकर रखना है।”

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