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पीएम नरेंद्र मोदी ने ITBP जवानों से भी बताया पुराना नाता: हर जगह निकाल ही लेते हैं रिश्‍ता 

पीएम विदेशी दौरों पर भी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से अपनी दोस्ती और पुराने रिश्तों को जगजाहिर करते रहे हैं।

दीवाली के मौके पर जवानों को मिठाई खिलाते पीएम मोदी। (फोटो सोर्स : @ddnewslive)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल दिवाली के मौके पर भारतीय सुरक्षा बलों से मिलते हैं और उनके बीच ही दिवाली मनाते हैं। इस साल भी उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर हर्षिल बॉर्डर पर उन्होंने इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों संग दिवाली मनाई। केदारनाथ में पूजा अर्चना करने से पहले दिवाली की सुबह पीएम हर्षिल पहुंच गए। वहां उन्होंने जवानों को मिठाई भी खिलाई। पीएम मोदी सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के साथ वहां पहुंचे थे। जवानों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि उनसे उनका पुराना रिश्ता है।

पीएम मोदी ने आईटीबीपी जवानों के साथ अपने पुराने रिश्तों की बात कहते हुए कहा कि जब कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू हुई थी तब वो भी एक यात्री की तरह इस पवित्र तीर्थयात्रा पर गए थे। उस वक्त आईटीबीपी के जवान तीर्थयात्रियों के साथ रास्तेभर चलते थे। ये जवान सभी श्रद्धालुओं की पूरी देखभाल करते थे, कभी उनके सामान अपने कंधों पर उठा लेते तो कभी बीमार होने पर उन्हें डॉक्टर की तरह देखभाल करते और पड़ोस के गांव जाकर वहां से दवा लाकर देते थे। पीएम ने कहा कि आईटीबीपी जवानों के बीच पहुंचकर उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। पीएम ने कहा कि सुदूर बर्फीली चोटियों पर जवानों का कर्तव्य के प्रति समर्पण भाव पूरे देश को ताकत देता है और यह 125 करोड़ भारतीयों के सपनों और भविष्य को सुरक्षित कर रहा है।

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब पीएम ने अपने पुराने रिश्ते जगजाहिर किए हों। वो देश के कई अलग-अलग हिस्सों में लोगों से जुड़ने पर अपने पुराने रिश्तों का ताजा करते रहे हैं। यहां तक कि पीएम विदेशी दौरों पर भी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से अपनी दोस्ती और पुराने रिश्तों को जगजाहिर करते रहे हैं। पिछले साल जून 2017 में जब पीएम मोदी रूस गए थे, तब उन्होंने वहां के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी अपने पुराना रिश्ता बताया था। इस मौके पर उन्होंने अपने रिश्तों को बताती 16 साल पुरानी कहानी भी साझा की। मोदी ने कहा था, “16 साल पहले मैं यहां प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में आया था जब मैं मुख्यमंत्री के रूप में एक समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और राष्ट्रपति पुतिन यहां खड़े थे। मोदी ने कहा, आज मुझे यहां प्रधानमंत्री के रूप में खड़े होने का गौरव प्राप्त हुआ है।”

जनवरी 2015 में जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस पर अतिथि के रूप में आए थे तब पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें गले लगा लिया था और उन्हें अपना दोस्त बताया था। बाद में मोदी ने कहा था, “हम बार-बार क्यों मिलते हैं, यह अहम सवाल है। दो नेताओं के रिश्ते फुलस्टॉप, कॉमा पर निर्भर कम होते हैं। दोनों की केमिस्ट्री बहुत निर्भर करती है। अकेले में हम एक-दूसरे को बड़ी निकटता से जानते हैं।” पीएम मोदी  मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी अपना दोस्त बता चुके हैं।

पीएम ने कहा कि जब वो गुजरात के सीएम थे तब भी सीमा पर जाकर जवानों से दिवाली के दिन मिला करते थे। अब वो पीएम बन गए हैं, तब भी यह परंपरा उन्होंने जारी रखी है। साल 2014 में पीएम माइनस 20 डिग्री तापमान वाले सियाचीन गए थे, वहां जवानों संग दिवाली मनाई थी। साल 2015 में दिवाली पर पीएम मोदी पंजाब सीमा पर गए थे। उनकी यह यात्रा संयोगवश 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई जंग के 50 साल पूरे होने पर हुई थी। साल 2016 में किन्नौर गए थे जबकि 2017 में उन्होंने अपनी चौथी दिवाली जम्मू-कश्मीर के गुरेज में सैनिकों के साथ मनाई थी।

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