PM Narendra Modi Says- Media must make an extra effort to maintain credibility - पीएम नरेंद्र मोदी ने दी मीडिया को नसीहत, समझाया 'लिखने की आजादी' का मतलब - Jansatta
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पीएम नरेंद्र मोदी ने दी मीडिया को नसीहत, समझाया ‘लिखने की आजादी’ का मतलब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ‘संपादकीय स्वतंत्रता का उपयोग बुद्धिमत्तापूर्वक जनहित में किया जाना चाहिए।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखने एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने को कहा। प्रधानमंत्री ने कहा ‘संपादकीय स्वतंत्रता का उपयोग बुद्धिमत्तापूर्वक जनहित में किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लेखन एवं निर्णय करने की स्वतंत्रता में ‘तथ्यात्मक गलती’ होने की आजादी शामिल नहीं होना चाहिए। मोदी तमिल दैनिक दिना थांथी के 75 साल पूरे होने पर आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने के लिए चेन्नई गए थे। इस समारोह में ही पीएम मोदी ने यह बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि आज अखबार हमें केवल खबरें ही नहीं देते बल्कि वे हमारी सोच को बदल भी सकते हैं। मीडिया का मतलब है कि समाज में बदलाव लाने का एक साधन। इसलिए हम लोग मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आजादी से पहले तत्कालीन ब्रिटिश सरकार भारतीय वर्नाकुलर प्रेस से डरती थी। उन अखबारों की आवाज को दबाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने साल 1878 में वर्नाकुलर प्रेस एक्ट लागू किया था। क्षेत्रिय भाषाओं में प्रकाशित अखबारों का जितना महत्व आज है, उतना ही आजादी से पहले था। मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। मीडिया संस्थानों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छी है।’

साथ ही उन्होंने कहा, ‘संपादकीय आजादी का इस्तेमाल बुद्धिमता के साथ जनहित में होना चाहिए। इसके साथ ही यह भी ध्यान रहे कि लिखने की आजादी में ‘तथ्यात्मक गलती’ की आजादी शामिल नहीं है। महात्मा गांधी ने कहा था, ‘मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। यह निश्चित रूप से एक ताकत है, लेकिन इस ताकत का गलत इस्तेमाल एक अपराध है।’ आज के समय में मीडिया के लोग राजनीति के आपपास ही घूमते हैं, लेकिन हमारा भारत देश इन नेताओं से परे भी है। भारत में 125 करोड़ भारतीय है, जिनसे यह देश बनता है। मुझे यह देखकर खुशी होगी कि मीडिया उन लोगों की कहानियों और उपलब्धियों पर ज्यादा फोकस कर रहा है। दुनिया भर में बढ़ती आवृत्ति के साथ प्राकृतिक आपदाएं पैदा होने लगती हैं। क्या जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में मीडिया का नेतृत्व हो सकता है?’

यहां देखें पीएम मोदी के भाषण का पूरा वीडियो-

 

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