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15 दिन में दूसरी बार सबरीमाला विवाद पर बोले पीएम- भारतीय संस्कृति का अनादर करती है केरल सरकार

पीएम मोदी ने केरल में कहा कि भारत के लोगों ने देखा है कि राज्य की वामपंथी सरकार कैसे केरल की संस्कृति का अनादर करने की कोशिश कर रही है।

Author January 28, 2019 9:47 AM
केरल के त्रिशुर में युवा मोर्चा के कार्यक्रम में पीएम मोदी। (Photo: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (27 जनवरी) को माकपा नीत केरल सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सबरीमला मुद्दे ने देश के लोगों को दिखाया है कि कैसे यहां की वामपंथी सरकार राज्य की संस्कृति का अनादर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां उन्हें जितनी चाहे उतनी गाली दे लेकिन उन्हें किसानों को गुमराह नहीं करना चाहिए। विपक्ष को युवाओं के लिए अवसरों की राह में बाधा नहीं डालनी चाहिए। बता दें कि 15 दिन में यह दूसरी बार है जब सबरीमाला विवाद पर पीएम मोदी ने बोला है। उन्होंने कहा कि केरल सरकार जेंडर जस्टिस और भारतीय संस्कृति का अनादर करती है। इससे पहले 15 जनवरी को कोल्लम में उन्होंने केरल की वियजन सरकार पर निशाना साधा था।

मोदी ने राज्य के त्रिशुर में युवा मोर्चा की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘सबरीमला ने अपनी तरफ पूरे देश का ध्यान खींचा है। भारत के लोगों ने देखा है कि यहां की वामपंथी सरकार कैसे केरल की संस्कृति का अनादर करने की कोशिश कर रही है। क्यों यह सरकार राज्य की संस्कृति को खोखला करने की कोशिश कर रही है? दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल की संस्कृति पर हमला हुआ है। यह एक ऐसी सरकार द्वारा किया गया है जो सत्ता में है।”

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने देश के सभी रसोई घरों को धुआं मुक्त कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘‘ जब हम सत्ता में आए तो हमने सभी रसोई घरों को धुआं मुक्त करने का प्रयास किया। उस समय केवल 55 फीसदी घरों में गैस कनेक्शन था। लेकिन हमने 90 फीसदी तक इसे कर दिया है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों द्वारा लोकतंत्र का नाम लेना ‘सबसे बड़ा’ मजाक है।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 15 जनवरी को सबरीमला मुद्दे को लेकर केरल की माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कम्युनिस्ट भारत की संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का सम्मान नहीं करते। प्रधानमंत्री ने एलडीएफ सरकार और राज्य में यूडीएफ की अगुआई वाले विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि दोनों ही मोर्चे एक ही सिक्के के दो पहलू है। उन्होंने दोनों मोर्चों पर राज्य के लोगों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

मोदी ने जनसभा में कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कम्युनिस्ट भारत की संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का सम्मान नहीं करते है।’’ उन्होंने कहा कि सबरीमला मुद्दे पर कांग्रेस के कई रूख है। उन्होंने कहा, ‘‘वह संसद में कुछ कहती है और पतनमथिट्टा (जहां अय्यप्पा मंदिर है) में कुछ और कहती है।’’

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