ताज़ा खबर
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जारी रहेगी विकास की रफ्तार, भारत 2030 तक दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है

उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से बढ़ रहा और हाल ही में यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 2030 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

Author February 12, 2019 6:32 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। file (Photo: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्वास जताया कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा और 2030 तक यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। प्रधानमंत्री ने यहां पेट्रोलियम उद्योग के वैश्विक सम्मेलन पेट्रोटेक 2019 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आइएमएफ और विश्वबैंक जैसी शीर्ष एजंसियों का भी अनुमान है कि आगामी सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी का रुख बना रहेगा। अनिश्चितता भरे आर्थिक माहौल में भारत ने तेजी से वृद्धि करते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से बढ़ रहा और हाल ही में यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 2030 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री और सीईओ एनडीएनओसी डॉ. सुल्तान अल अहमद जाबेर को लाइफ टाइम अचीवमेंट इंटरनेशनल अवार्ड प्रदान किया। अपने संबोधन में प्रधानंत्री ने कहा कि देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंच गई है। उज्जवला योजना के तहत केवल तीन वर्षों में 6.4 करोड़ से ज्यादा मकानों में एलपीजी कनेक्शन दिए गए। ब्लू फ्लेम रिवोल्यूशन पर काम चल रहा है। पेट्रोटेक-2019 में मेक इन इंडिया एवं अक्षय ऊर्जा पर विशेष पवेलियन तैयार किया गया है जहां करीब 13 देशों ने अपने पंडाल बनाए हैं। इसमें 750 प्रदर्शक शामिल हैं। प्रदर्शनी के दौरान होने वाली कार्यशालाओं में विभिन्न देशों के करीब 86 वक्ता शामिल होंगे।

कार्यक्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र में पिछले पांच सालों में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित चार स्तंभ, ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा निरंतरता और ऊर्जा सुरक्षा के सिद्धांतों को अपनाकर गरीब से गरीब तक ऊर्जा न्याय पहुंचाने को गति दी है। प्रधानमंत्री ने जनता को मुनासिब दाम पर स्वच्छ और समुचित ऊर्जा आपूर्ति पर जोर देते हुए कहा कि कच्चे तेल का मूल्य निर्धारण जिम्मेदारी के साथ करने की जरूरत है ताकि इसमें उत्पादक और उपभोक्ता दोनों के हितों का संतुलन बना रहे। लंबे समय से कच्चे तेल के दाम में बड़ा उतार- चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में जरूरी है कि तेल के दाम जिम्मेदारी के साथ तय हों जिसमें उत्पादक और उपभोक्ता दोनों के हितों के बीच संतुलन बना रहे।

मोदी ने कहा कि आज दुनिया के देशों के समक्ष अपने नागरिकों को सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की चुनौती है। अर्थव्यवस्था के तीव्र विकास के लिए उचित दाम पर, अनवरत ऊर्जा आपूर्ति जरूरी है। तेल और गैस केवल एक व्यापारिक माल भर नहीं है। आम आदमी की रसोई हो या फिर हवाईजहाज, ईंधन की हर जगह जरूरत है। देश में ईंधन, ऊर्जा की मांग सालाना पांच प्रतिशत से भी अधिक तेजी से बढ़ रही है। भारत की ऊर्जा नीति को लेकर उन्होंने कहा कि हमने ऊर्जा नियोजन में एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा एजंडा भी हमारा प्रमुख उद्देश्य है और यह भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमने कई नीतियां बनाई और उनका क्रियान्वयन किया है। इन प्रयासों का नतीजा अब दिखने लगा है। सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंच गई है। सौभाग्य योजना के जरिए इस साल देश के सभी घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में पश्चिम से पूर्व तक ऊर्जा उपभोग में बदलाव आ रहा है। शेल गैस की खोज के बाद अमेरिका तेल एवं गैस का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। सौर ऊर्जा और दूसरे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत अधिक प्रतिस्पर्धी स्रोत बन गए हैं। नए स्रोत आज ऊर्जा के परंपरागत साधनों के मुकाबले अधिक वहनीय विकल्प बनकर उभरे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 अंतरिम निदेशक रहते हुए किया था स्थानांतरण, राव ने अफसर के तबादले पर मांगी माफी
2 व्यक्तित्व: स्नेहा: सैनिटरी नैपकिन बनाने से ऑस्कर तक का सफर
3 नागरिकता विधेयक विवाद: भूपेन हजारिका का परिवार भी विरोध में उतरा, भारत रत्‍न लौटाने का फैसला