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मोदी बोले-जातिवादी आरक्षण व्यवस्था रहेगी जारी, इस पर कोई शक नहीं

पीएम ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी बीआर अंबेडकर के सपनों को पूरा करें और आरक्षण उन सपनों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण कारक है।

प्रधानमंत्री मोदी (express photo by Renuka puri)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ किया है कि उनकी सरकार का जातिवादी आरक्षण पर रोक लगाने का कोई इरादा नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि देश से आरक्षण व्यवस्था खत्म नहीं हो सकती, क्योंकि हमारे संविधान का उद्देश्य और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के सपने अभी तक अधूरे हैं। प्रधानमंत्री ने उन अफवाहों को सिरे से नकार दिया जिसमें कहा जा रहा है कि उनकी सरकार देश से जातिवादी आरक्षण को खत्म करना चाहती है। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आरक्षण व्यवस्था बनी रहेगी और इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने ये बातें न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कहीं। पीएम ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी बीआर अंबेडकर के सपनों को पूरा करें और आरक्षण उन सपनों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण कारक है। अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनका उद्देश्य सभी वर्गों का समग्र विकास है। बाबासाहेब का सपना था कि देश मजबूत हो और हम उनके सपने को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हमारा नारा है सबका साथ, सबका विकास। इसे पूरा करने के लिए यह बात सबसे महत्वपूर्ण है कि गरीबों, शोषित और पिछड़ों, दलित और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा की जाए।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ समूह इस तरह का बातें फैला रहे हैं कि भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है और मीडिया के कुछ वर्ग इस तरह की बातें फैलाने में मदद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग लगातार इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं, ये वो ही लोग हैं, जिन्होंने हमेशा बाबासाहेब के सपनों को कुचलने का प्रयास किया। विपक्ष पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के बीच अविश्वास और संदेह पैदा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भारत के लोग समझदार हैं और वो इस प्रोपेगैंडा पर विश्वास नहीं करेंगे। कांग्रेस पर और खासकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हमलावर होते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि लोग देखें कि किस तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मंडल कमीशन का विरोध किया था। संसद के पटल पर उन्होंने इसका जोरदार विरोध किया था। आज भी उनकी पार्टी के हालात बदले नहीं हैं।’

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