प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद खंडन करते हुए उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि सरकार विदेश यात्रा पर उपकर या कर लगाने पर विचार कर रही है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि विदेशी यात्रा पर उपकर, कर या अधिभार लगाने के प्रस्ताव पर सरकार में हाई लेवल पर चर्चा हो रही है। जिसके बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया।
मीडिया आउटलेट के पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। पीएम मोदी ने लिखा, “यह सरासर झूठ है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। विदेशी यात्रा पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम अपने लोगों के लिए ‘व्यापार करने में आसानी’ और ‘जीवन जीने में आसानी’बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” ऐसा बहुत कम होता है कि प्रधानमंत्री ने खुद मीडिया में आयी किसी खबर का खंडन किया हो।
पीएम मोदी के पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद, मीडिया आउटलेट ने माफी जारी की और कहा कि वह खबर वापस ले रहा है। आउटलेट ने X पर पोस्ट किया, “विदेश यात्रा पर कर लगाने पर सरकार के विचार से संबंधित हमारी खबर सटीक नहीं है। हम खबर वापस लेते हैं और गलती के लिए खेद व्यक्त करते हैं।”
रिपोर्ट में क्या किया गया दावा?
सोशल मीडिया पर शेयर की गई रिपोर्ट से संबंधित एक ग्राफिक में मीडिया आउटलेट ने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा था कि कर संबंधी प्रस्ताव पर सरकार के उच्च स्तरीय स्तर पर चर्चा हो रही है। इसका उद्देश्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के विरुद्ध छेड़े गए युद्ध के वित्तीय प्रभावों को कम करना है। इसमें यह भी कहा गया कि इस कदम से कच्चे तेल और आयात की बढ़ती लागत को भी कम किया जा सकेगा। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह उपकर सीधे केंद्र सरकार के पास जाएगा और एक साल तक लागू रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है।
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर आरोप
कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता असल में गौतम अडानी की रिहाई का सौदा था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
