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संघ ने की PM मोदी की तारीफ कहा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ सही दिशा में सरकार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ तीन दिन के ‘समन्वय’ संवाद के बाद शुक्रवार को कहा कि मोदी शासन प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ सही दिशा में बढ़ रहा है। संघ ने इन आलोचनाओं को खारिज कर दिया कि वह ‘रिमोट कंट्रोल’ की तरह काम कर रहा है।

Author नई दिल्ली | September 5, 2015 11:26 AM

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ तीन दिन के ‘समन्वय’ संवाद के बाद शुक्रवार को कहा कि मोदी शासन प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ सही दिशा में बढ़ रहा है। संघ ने इन आलोचनाओं को खारिज कर दिया कि वह ‘रिमोट कंट्रोल’ की तरह काम कर रहा है।

अलबत्ता उसने सफाई दी कि वह सरकार के कामकाज की समीक्षा नहीं कर रहा। केवल उन मंत्रियों को अपनी तरफ से विचार बता रहा है जो स्वयंसेवक हैं और संघ को ऐसा करने का अधिकार है।

संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से कहा कि केवल 14 महीने गुजरे हैं। काफी समय है और बहुत कुछ किया जाना है। अब तक जो कुछ हुआ है, उसकी दिशा सही है। समर्पण, प्रतिबद्धता और उपलब्धियां सही हैं। हमें आगे बढ़ना होगा। सभी को सौ फीसद संतोष नहीं हो सकता। हम ना तो समीक्षा कर रहे और ना ही सरकार को कोई संदेश दे रहे हैं। हम केवल विचार साझा कर रहे हैं।

तीन दिन के ‘समन्वय’ संवाद में संघ के सर संघचालक मोहन भागवत और शीर्ष पदाधिकारियों ने सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ आमने-सामने बातचीत की जिनमें वरिष्ठ मंत्री भी शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतिम दिन बैठक में भाग लिया। चर्चा में वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर, शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और अनंत कुमार भी शामिल हुए। जहां उन्होंने संघ और इससे जुड़े संगठनों के उठाए गए मुद्दों के बारे में बोला।

संघ के सरकार को दिशानिर्देश दिए जाने और मंत्रियों के संघ को जानकारी देकर गोपनीयता की ली गई शपथ का उल्लंघन किए जाने संबंधी आलोचनाओं का जवाब दे रहे होसबाले ने कहा-हम कोई गैरकानूनी संगठन नहीं हैं। हम भी देश के नागरिक हैं। हमें मंत्रियों से बात करने का पूरा अधिकार है जो स्वयंसेवक भी हैं। गोपनीयता की बात कहां से आ गई। स्वयंसेवक हैं जो मंत्री बन गए हैं।

संघ पर रिमोट कंट्रोल की तरह काम करने के कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस क्या कहती है हमें उस का जवाब देने की जरूरत नहीं है। वे रिमोट कंट्रोल से चल रहे थे। इसलिए उन्हें हमारे बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सरकार के नुमांइदों के साथ बातचीत को उचित ठहराते हुए संघ पदाधिकारी ने कहा कि जब मंत्री सीआइआइ या फिक्की या अन्य आयोजनों में जाते हैं, तब मीडिया इसे मुद्दा नहीं बनाता।

एक सवाल के जवाब में होसबाले ने कहा कि संघ सरकार की समय-सारणी के अनुसार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का इंतजार करेगा क्योंकि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। राम मंदिर के संदर्भ में होसबाले ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में जो कहा है, वह उस पर आगे बढ़ेगी और उसके पास इसके लिए समय है। पार्टी ने समय-सारणी तय की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संत और हिंदू समाज निर्देश देता रहता है लेकिन संघ कोई मांग नहीं उठाता।

उन्होंने कहा-हमें उम्मीद है कि यह होगा। हम उनकी समय-सारणी के अनुसार उनके क्रियान्वयन का इंतजार करेंगे। सरकार की कार्यशैली पर समर्थन जताते हुए संघ नेता ने कहा कि सरकार ने आकांक्षाएं पैदा की हैं और उम्मीद व विश्वास भी पैदा किया है। देश के इतिहास में पहली बार इस सरकार ने आकांक्षाएं पैदा की हैं और इसने न केवल भारत में बल्कि बाहर भी विश्वास पैदा किया है। होसबाले ने कहा कि संघ की बैठक में कोई नीति नहीं बनाई गई क्योंकि यह नीति निर्माण इकाई नहीं है। संघ की नीतियों पर निर्णय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा करती है।

धर्म आधारित हालिया जनगणना आंकड़ों के संबंध में उन्होंने कहा- हमने रिपोर्ट तैयार की है और संघ की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। तीन दिन के संवाद में हुए संपूर्ण विचार-विमर्श के बारे में संघ नेता ने कहा कि आंतरिक और बाहरी सुरक्षा हालात, सीमापार से आतंक समेत आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद पर चर्चा हुई। इस संबंध में उठाए जाने वाले कदमों पर सुझाव दिए गए।

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