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Pariksha Pe Charcha: मोदी बोले- स्मार्ट फोन की जगह मां-बाप, दादा-दादी के साथ बिताएं समय, पढ़ें छात्रों के सवाल और PM के जवाब

Pariksha Pe Charcha 2020, PM Narendra Modi: पीएम नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम में तालकटोरा स्टेडियम में लगभग 200 छात्रों के अलावा वीडिया कॉन्फ्रेसिंग के जरिये देश दुनिया के विभिन्न इलाकों से भी सैकड़ों छात्रों ने शिरकत की।

Author दिल्ली | Updated: January 20, 2020 2:43 PM
पीएम मोदी की परीक्षा पे चर्चा

Pariksha Pe Charcha 2020, PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा में तनाव से मुक्ति पाने लिये कुछ कारगर उपाय सुझाते हुये क्रिकेट खिलाड़ियों द्वारा अपनाये जाने वाले कुछ तरीके सुझाये। पीएम ने सोमवार (20 जनवरी) को दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2020’ में छात्रों के सवालों के जवाब में कहा कि क्रिकेट खिलाड़ी मैदान में बैटिंग या बॉलिंग शुरु करने से पहले बैट घुमाना या बॉल फेंकने का छद्म प्रदर्शन करते हैं। दरअसल ये उनके अपने तनाव को दूर करने का तरीका होता है। मोदी ने छात्रों से परीक्षा में जाने से पहले अपने पेन कॉपी आदि को ठीक करने जैसी परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों में एक दो मिनट के लिये खुद को शामिल करने का सुझाव देते हुये कहा कि ऐसा करने से वे परीक्षा जनित तनाव से मुक्ति पा सकेंगे।

छात्रों से होगी खुलकर, बिना किसी फिल्टर के बात: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को छात्रों के साथ परीक्षा पर चर्चा शुरु करते हुये कहा कि छात्रों के साथ वह बिना किसी ‘फिल्टर’ के खुलकर बातचीत करेंगे। उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा 2020’ कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुये छात्रों से भी कहा कि वे उनके साथ खुल कर चर्चा करें। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रचलित ‘हैशटेग’ का जिक्र करते हुये कहा कि छात्रों और उनके बीच होने वाली चर्चा ‘हेशटेग विदाउट फिल्टर’ होगी।

छात्रों को पीएम मोदी का जवाब: इससे पहले समय के सदुपयोग से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में मोदी ने फोन पर समय की बर्बादी का जिक्र करते हुये कहा, ‘‘स्मार्ट फोन आपका जितना समय चोरी करता है, उसमें से 10 प्रतिशत कम करके आप अपने मां, बाप, दादा, दादी के साथ बिताएं। तकनीक हमें खींचकर अपने पास ले जाए, इससे हमें बचना चाहिए। हमारे अंदर ये भावना होनी चाहिए कि मैं तकनीक को अपनी मर्जी से उपयोग करूंगा।’’

कभी भी परीक्षा का दबाव और तनाव नहीं रहेगा: मोदी ने छात्रों से जीवन को कुछ करने के सपनों से जोड़ने की अपील करते हुये कहा, ‘‘अगर ऐसा करोगे तो इससे आपको कभी भी परीक्षा का दबाव और तनाव नहीं रहेगा। परीक्षा एक मुकाम है, परीक्षा ही सब कुछ नहीं है। जीवन में आगे जाने का एक मात्र रास्ता परीक्षा ही नहीं है, बल्कि कई अन्य रास्ते भी हैं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के अंत में इसका आयोजन करने वाले मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ छात्रों, अभिभावकों, स्कूलों तथा राज्यों का भी आभार व्यक्त किया।

चंद्रयान मिशन का जिक्र: पीएम ने छात्रों को चंद्रयान मिशन की घटना का जिक्र करते हुये छात्रों को बताया कि उनके कुछ सहयोगियों ने चंद्रयान मिशन की लैंडिंग के मौके पर नहीं जाने की सलाह दी थी, क्योंकि इस अभियान की सफलता की कोई गारंटी नहीं थी। मोदी ने कहा कि इसके बावजूद वह इसरो के मुख्यालय गये और वैज्ञानिकों के बीच में रह कर उनका भरपूर उत्साहवर्धन किया। परीक्षा में अंकों के महत्व से जुड़े एक सवाल के जवाब में मोदी ने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक मिलना ही सब कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों को इस सोच से बाहर निकलना चाहिये कि परीक्षा ही सब कुछ है।

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