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दो महीने में नरेंद्र मोदी का दूसरा टीवी इंटरव्यू पर क्‍या मिलेंगे इन 15 सवालों के जवाब

टाइम्‍स नाऊ को दिए इंटरव्यू में पीएम ने सरकार की पाकिस्‍तान नीति, एनएसजी में दावेदारी, विदेश नीति आदि मुद्दों के साथ सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की बयानबाजी और आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के मामले पर जवाब दिए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (पीटीआई फोटो)

26 मई 2016 को एनडीए सरकार के दो साल पूरा होने के बाद पीएम मोदी ने टीवी चैनलों को इंटरव्यू देना शुरू किया है। 27 जून को उन्‍होंने टाइम्‍स नाऊ को पहला इंटरव्यू दिया और अब नेटवर्क 18 के साथ लंबी बात की है। टाइम्‍स नाऊ को दिए इंटरव्यू में पीएम ने सरकार की पाकिस्‍तान नीति, एनएसजी में दावेदारी, विदेश नीति आदि मुद्दों के साथ सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की बयानबाजी और आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के मामले पर जवाब दिए थे। लेकिन कई ऐसे ज्‍वलंत मुद्दे थे जिस बारे में ना तो अरनब गोस्‍वामी ने कोई सवाल किया था और ना ही मोदी ने कुछ कहा था। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोगों ने इस इंटरव्‍यू को काफी सॉफ्ट बताया था। इसके लिए एंकर अरनब गोस्‍वामी की आलोचना भी हुई थी।

इस इंटरव्‍यू में गौ रक्षकों की दादागिरी, पाठ्यपुस्‍तकों में बदलाव और सरकारी संस्‍थानों में नियुक्तियों को लेकर हुए विवाद सहित कई मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे गए थे। हालांकि कुछ सवालों पर अलग-अलग मौकों पर मोदी ने बयान दिया है लेकिन कई सवालों पर अब भी उनकी चुप्‍पी है। तो क्‍या दूसरे इंटरव्यू में पीएम से ये सवाल पूछे जाएंगे:

1. 2002 में माया कोडनानी विधायक थी, जब उन्‍होंने 10,000 लोगों की भीड़ का नेतृत्‍व किया जिसने 97 लोगों को मार डाला। उन्‍हें दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह राजनैतिक तौर पर किसके करीब थीं, उन्‍हें आपकी तत्‍कालीन सरकार द्वारा मंत्री बना दिया गया। आपने यह कहकर अपना बचाव करने की कोशिश की कि उस वक्‍त उनपर कोई मुकदमा नहीं था। मोदी जी, उनके खिलाफ कोई मुकदमा क्‍यों नहीं दर्ज किया गया? आपकी पुलिस क्‍या कर रही थी? क्‍या आपने अदालत का फैसला आने के बाद पुलिस फोर्स की इस कमी को दूर करने की कोशिश की?

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2. आपकी पार्टी का घोषणा पत्र दावा करता है कि भारत विश्‍व के सभी हिंदुओं का देश है। जब आपसे इस बारे में पूछा गया, आपने कहा कि हिंदुत्‍व कोई धर्म नहीं है, जीवन-शैली है और इसके अलग-अलग पहलू हैं। एक भारतीय नागरिक के तौर पर अगर मैं ऐसी जीवन-शैली ना अपनाऊं तो क्‍या इसका मतलब यह है कि भारत मेरा घर नहीं है?

3. PMO एस्‍सार टेप्‍स पर चुप्‍पी क्‍यों साधे हुए है जो वाजपेयी सरकार के दौरान पॉलिटिकल-कॉर्पोरेट गठजोड़ का खुलासा करता है?

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4. पहलाज निहलानी की नियुक्ति आपकी सरकार की सबसे विवादित नियुक्तियों में से एक रही है। क्‍या वे सेंसर बोर्ड अध्‍यक्ष पद के लायक हैं? क्‍या चेतन चौहान जैसे क्रिकेटर NIFT का प्रेसिडेंट चुने जाने योग्‍य थे?

5. भारत पिछले कुछ सालों से गायों की ‘रक्षा’ को लेकर दंगे-फसाद और हत्‍याएं झेलता रहा है, आप इस हिंसा पर एक्‍शन क्‍यों नहीं ले रहे हैं? खासकर तब जब आप कह रहे हैं 80 प्रतिशत गौरक्षक फजी हैं?

6. उत्‍तर प्रदेश में भाजपा सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दे रही है। आपके सांसद संगीत सोम, संजीव बालियन, हुकुम सिंह और योगी आदित्‍यनाथ हिंदुओं की ‘घर वापसी’ की बात करते हैं। क्‍या आपकी सरकार उनपर लगाम लगाएगी?

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7. आपकी पाकिस्‍तान नीति काम करती नजर नहीं आ रही। पठानकोट हमले की जांच में क्‍या रुकावटें हैं? साथ ही कश्‍मीर मुद्दे पर सिर्फ पाकिस्‍तान पर दोष डाल देना क्‍या जिम्‍मेदारी से भागना नहीं है?

8. अगर रघुराम राजन देशभक्‍त हैं और देशसेवा कर रहे हैं तो PMO ने स्‍वामी के हमले का जवाब क्‍यों नहीं दिया और आपकी सरकार ने राजन को दूसरा कार्यकाल क्‍यों नहीं सौंपा?

9. विजय माल्‍या और ललित मोदी जैसों को भागने की छूट क्‍यों दी गई? वह भी तब जब आप डिफॉल्‍टर्स को लेकर सख्‍त होने की बात करते हैं?

10. अरुण जेटली ने कहा था कि न्‍यायपालिका को अपनी ‘लक्ष्‍मण रेखा’ तय करनी चाहिए। आप न्‍याय‍पालिका और विधायिका के बीच मतभेदों को कैसे दूर करेंगे?

11 . आपकी सरकार काले धन के मुद्दे पर सत्‍ता में आई थी, आम भारतीय अभी तक इंतजार कर रहा है कि उसके खाते में 15 लाख रुपए आएंगे। मगर अभी तक इस दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हो पाई, वजह क्‍या है?

12 . देश की आर्थिक प्रगति आंकड़ों पर तो हो रही है, लेकिन जमीनी स्‍तर पर उसका असर नहीं दिख रहा। आंकड़ों और हकीकत के इसे फर्क को आपकी सरकार कैसे दूर कर रही है?

13. स्‍वच्‍छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया और स्‍मार्ट सिटी जैसी योजनाएं भव्‍य स्‍तर पर शुरू हुई थी। लेकिन जमीन पर उनका असर दिखता नहीं है। मानसून की बारिश ने शहरों के ड्रेनेज सिस्‍टम और सड़कों की पोल खोल दी। ऐसे में सरकार का क्‍या नजरिया है?

14. आपकी सरकार दावा कर रही है अर्थव्‍यवस्‍था सुधार की ओर है। लेकिन दो साल बाद भी नौकरियां नहीं मिल रही हैं?

15. बिहार चुनाव के समय आरएसएस ने आरक्षण पर पुनर्विचार करने को कहा था। आपकी पार्टी और सरकार आरक्षण का समर्थन कर रही है। वहीं आपके सहयोगी रामविलास पासवान और बसपा सुप्रीमो मायावती प्राइवेट सेक्‍टर में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

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  1. V
    Vinod
    Sep 2, 2016 at 1:46 pm
    Ye Congress KE memorendom SE question LIYE e hai , isse acha hota ki media hi bipaksha me bhaith jati. Akaro me Vikash dikh raha hai or akera aata kaha SE hai . jamin SE ya ashmaan SE ya hawa SE.
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    Reply
    1. A
      Amarendra Pratap
      Sep 2, 2016 at 12:36 pm
      कुछ सवाल छूट गए हैं जैसे अंग्रेजों ने भारत पे कब्ज़ा कैसे कर लिया, सफाई दीजिये, अमेरिका ने क्यूबा पे आक्रमण क्यों किआ, सद्दाम हुसैन को फांसी देने का भारत ने विरोध क्यों नही किआ, इत्यादि इत्यादि
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      Reply
      1. D
        DK Sharma
        Sep 3, 2016 at 8:40 am
        जनसत्ता इंडिंयन एक्सप्रेस समूह का पत्र है जो मोदी और बीजेपी से जलन रखते हैं।जब UN ने दाऊद के 9 में से 6 पते ी बताये तो इंडियन एक्सप्रेस ने खबर लगाईं 'दाऊद के बताये गए 3 पते UN ने ग़लत बताये'इसलिए जनसत्ता को मोदी से इंटरव्यू की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
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        1. R
          rajesh Juware
          Sep 2, 2016 at 2:41 pm
          आपकी की सोच तो उस मख़्हि की तरह है जो सारे खूबसूरत को छोड़कर सिर्फ जख्म पर ही बैठती है।
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          1. J
            jayan
            Sep 2, 2016 at 5:30 pm
            जैसा सवाल करता है भाड़ मीडिया....
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            1. R
              rahul
              Sep 2, 2016 at 11:26 am
              इस तरह के सवाल पुछना यानी राष्ट्रदोही घोषित होना है और वैसे भी अब मीडिया मुगलो के इतने काम फैले हुए हैं कि नैतिकता की उम्मीद बेमानी है
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              Reply
              1. Load More Comments