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मोदी ने लॉन्‍च की नायडू की किताब, बताया कैसे वेंकैया ने अटल से मांगा था मनपसंद मंत्रालय

कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि वेंकैया नायडू उप-राष्ट्रपति कार्यालय में राजनैतिक और प्रशासनिक अनुभव लेकर आए हैं और यह उनके पिछले 1 साल के कार्यकाल में दिखाई भी देता है।

पीएम मोदी ने उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की किताब का विमोचन किया। (image source-ANI)

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस पद पर रहते हुए अपने बीते एक साल के अनुभव पर एक किताब लिखी है। इस किताब का नाम Moving on Moving forward: A year in office रखा गया है। इस किताब का विमोचन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस दौरान पीएम मोदी के साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू की खूब तारीफ की और एक पुराना किस्सा साझा करते हुए कहा कि “अटल जी वेंकैया नायडू जी को एक मंत्रालय देना चाहते थे। इस पर वेंकैया जी ने कहा कि मैं ग्रामीण विकास मंत्रालय संभालना चाहता हूं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि वह (वेंकैया नायडू) दिल से एक किसान हैं। वह किसानों और कृषि की भलाई के लिए समर्पित रहे हैं। कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि वेंकैया नायडू उप-राष्ट्रपति कार्यालय में राजनैतिक और प्रशासनिक अनुभव लेकर आए हैं और यह उनके पिछले 1 साल के कार्यकाल में दिखाई भी देता है। लेकिन अभी भी इनका बेस्ट आना बाकी है। एक कवि ने कहा है कि “सितारों के आगे जहां और भी है, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।” कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि देश में कृषि क्षेत्र में लगातार समर्थन दिए जाने की जरुरत है। यहां वित्त मंत्री भी हैं, हो सकता है कि उन्हें मेरी ये बात पसंद ना आए लेकिन मैं ये कहना चाहूंगा कि उन्हें सभी का ध्यान रखना चाहिए। आने वाले दिनों में कृषि क्षेत्र का पक्ष लिए जाने की जरुरत है, वरना लोग कृषि छोड़ देंगे।

इसके साथ ही उप-राष्ट्रपति ने कहा कि इन दिनों संसद में वैसा काम नहीं हो पा रहा है, जैसा होना चाहिए थे और मैं थोड़ा निराश हूं। इसके अलावा अन्य सभी क्षेत्रों में हम काफी आगे बढ़े हैं। वर्ल्ड बैंक, एडीबी, वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम जिन्होंने भी हमें रेटिंग दी हैं, वह बेहद शानदार हैं। सभी भारतीयों को इस पर गर्व होना चाहिए। उप-राष्ट्रपति द्वारा लिखी गई किताब की बात करें तो किताब में 465 पेज और 7 चैप्टर हैं। इस किताब में उप-राष्ट्रपति ने देश के भौगोलिक बदलाव, रुरल अर्बन डिवाइड आदि मुद्दों पर अपने विचार साझा किए हैं।

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