नरेंद्र मोदी का NCC से है पुराना नाता, रह चुके हैं कैडेट; अब मिला Alumni सदस्यता कार्ड

झांसी में आयोजित कार्यक्रम में एलुमनी एसोसिएशन के शुभारंभ के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सभी पूर्व एनसीसी कैडेटों से एनसीसी एलुमनी एसोसिएशन से जुड़ने की अपील की और कहा कि हम सब एक साथ आकर देश के लिए कुछ करने का संकल्प लें।

झांसी में राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को एनसीसी की तरफ से पहला एलुमनी सदस्यता कार्ड दिया गया। (फोटो; पीटीआई)

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने झांसी में आयोजित राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर(NCC) के पूर्व छात्रसंघ का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी को भी एलुमनी सदस्यता कार्ड दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी का एनसीसी से पुराना नाता रहा है और वो कई मौकों पर इसकी चर्चा भी कर चुके हैं।

झांसी में आयोजित कार्यक्रम में एलुमनी एसोसिएशन के शुभारंभ के मौके पर उन्होंने सभी पूर्व एनसीसी कैडेटों से एनसीसी एलुमनी एसोसिएशन से जुड़ने की अपील की और कहा कि हम सब एक साथ आकर देश के लिए कुछ करने का संकल्प लें। इस दौरान उन्होंने पहला एलुमनी सदस्यता कार्ड दिए जाने को लेकर एनसीसी का आभार जताया और कहा कि मेरे लिए यह गर्व का विषय है।

हलांकि यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को एनसीसी से जोड़ने पर गर्व महसूस किया हो। इससे पहले भी उन्होंने एनसीसी कैडेटों के कार्यक्रम के खुद के एनसीसी कैडेट रहने की बात कही है। इतना ही नहीं उन्होंने अपने मन की बात कार्यक्रम के एक एपिसोड में एनसीसी कैडेट रहने के दौरान का एक किस्सा भी सुनाया था और कहा था कि मैं भी कैडेट रहा हूं इसलिए आज भी मैं अपने आप को एक कैडेट मानता हूं।

इस दौरान उन्होंने किस्सा सुनाते हुए कहा था कि मैं हमेशा से अनुशासन को मानने वाला था लेकिन एक बार कैम्प के दौरान कुछ गलतफहमी हो गई थी। मैं एक पेड़ पर चढ़ गया था। पहले सबको लगा कि मैंने कानून तोड़ दिया है। लेकिन बाद में सबको ध्यान आया कि वहां पतंग की डोर में एक पक्षी फंस गया था। मैं उसको बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ गया था। पहले मुझे भी लगा कि मेरे ऊपर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी लेकिन बाद में मेरी वाहवाही हो गई।

शुक्रवार को झांसी में प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाले समय में 100 सैनिक स्कूलों के शुरू करने की बात भी कही। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज एक ओर हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ रही है तो साथ ही भविष्य में देश की रक्षा के लिए सक्षम युवाओं के लिए जमीन भी तैयार हो रही है। ये 100 सैनिक स्कूल जिनकी शुरुआत होगी, ये आने वाले समय में देश का भविष्य ताकतवर हाथों में देने का काम करेंगे।

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