लंदन में पीएम मोदी ने की ‘भारत की बात, सबके साथ’, कहा- सवा सौ करोड़ देशवासियों की वजह से यहां पहुंच पाया

पीएम मोदी ने कहा कि हर उम्र में हर वक्त कुछ नया पाने की कोशिश जीवन को गति देती है। इसलिए जीवन में बेसब्री जरूरी है। जिस दिन मेरी बेसब्री खत्म उस दिन मैं देश के काम नहीं आऊंगा। पीएम मोदी ने वंशवाद की राजनीति पर निशाना साधा।

PM Narendra Modi in London's 'bharat-ki-baat-sabke-saath-event' in united kingdom
लंदन के सेन्ट्रल हॉल वेस्टमिन्स्टर में पीएम मोदी का भाषण।(फोटो सोर्स- ट्विटरANI)

प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी अपने 5 दिवसीय विदेश दौरे के दौरान आज ब्रिटेन में हैं। यहां पीएम मोदी ने ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से रूबरू हुए। इस कार्यक्रम का प्रसारण लंदन के सेन्ट्रल हॉल वेस्टमिन्स्टर से कई देशों में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की वजह से मैं यहां तक पहुंचा। जनता की वजह से मैं आज में लंदन के रॉयल पैलेस में हाथ मिलाने के काबिल हुआ।

पीएम मोदी ने कहा कि हर उम्र में हर वक्त कुछ नया पाने की कोशिश जीवन को गति देती है। इसलिए जीवन में बेसब्री जरूरी है। जिस दिन मेरी बेसब्री खत्म उस दिन मैं देश के काम नहीं आऊंगा। पीएम मोदी ने वंशवाद की राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वो कभी मैं की बात नहीं करते हैं। देश को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए त्याग की जरूरत होती है। हमने या हमारी पार्टी ने दशकों तक त्याग किया है। कार्यक्रम से पहले मशहूर गीतकार प्रसून जोशी ने प्रस्तुति पेश की। इसके बाद जब पीएम मोदी स्टेज पर पहुंचते ही भारत माता की जय के नारे लगे। प्रसून जोशी पीएम से सवाल कई सवाल किए। जोशी के एक सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेरे जीवन के सफर की शुरूआत रेलवे स्टेशन से हुई। मुझे रेल की पटरियों ने जिंदगी दूसरों के लिए जीना सिखाया।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत और भारतियों का सम्मान बढ़ा है। आज दुनिया भारत का लोहा मान रही है।भारत में सबके साथ चलने की ताकत है। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा काम करने के सवाल पर पीएम मोदी ने जवाब में कहा कि मेरी जिंदगी का हर पल देश के लिए है, मेरे लिए देश के सवा सौ करोड़ भारतीय, मेरा परिवार है. मैं नहीं चाहता कि कभी किसी के लिए बोझ बनूं, शरीर की पूरी ताकत का इस्तेमाल करना चाहता हूं, ऐसे ही हंसते-खेलते चले जाना चाहता हूं।

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के बीच वार्ता के बाद भारत और ब्रिटेन ने आतंकवाद की सभी रूपों में निंदा की और वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों के खिलाफ ‘निर्णायक व ठोस कार्रवाई’ के लिए मजबूत सहयोग पर दोनों देश सहमत हुए। इसमें पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के नाम भी लिए गए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत दोनों पक्षों ने खुले, समावेशी और समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए साथ काम करने पर भी सहमत हुए।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों ने नई ब्रिटेन-भारत प्रौद्योगिकी साझेदारी पर सहमति जताई। डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा कि मे ने मोदी को ब्रिटेन के ब्रेक्सिट के बाद की प्रगति की जानकारी दी। प्रवक्ता ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रेक्सिट के बाद भारत के लिए ब्रिटेन का महत्व कम नहीं होगा।” संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने गतिशील नई भारत-ब्रिटेन व्यापार साझेदारी पर सहमति जताई। मोदी यूरोप के तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में स्वीडन से यहां सोमवार रात पहुंचे थे। इसके बाद वह जर्मनी जाएंगे। भारतीय नेता इस साल यहां होने वाले राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के प्रमुखों की बैठक (सीएचओजीएम) में 19-20 अप्रैल को भाग लेंगे। वह 2009 के बाद से द्विवार्षिक समारोह में भाग लेने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।

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