इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच इस समय भीषण संघर्ष चल रहा है। इस संघर्ष को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मौजूदगी में सोमवार को राजधानी नई दिल्ली में कहा कि दुनिया में चल रहे कई तनावों पर भारत का रुख साफ है। हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात कही है।
उन्होंने आगे कहा कि जब दो डेमोक्रेसी एक साथ खड़ी होती हैं, तो शांति की आवाज़ और भी मज़बूत हो जाती है। वेस्ट एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता की बात है। भारत बातचीत और डिप्लोमेसी के ज़रिए सभी विवादों को सुलझाने का समर्थन करता है। हम इस इलाके में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
जानिए इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की बड़ी बातें
ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं की जाएगी।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी का कहना है कि ईरान में अमेरिका-इजरायली एयरस्ट्राइक कैंपेन में अब तक 555 लोग मारे गए हैं।
इजरायल की तरफ से साउथ लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों पर स्ट्राइक की गई। इसमें 31 लोगों के मारे जाने की खबर है।
अमेरिका के तीन करीबी सहयोगियों- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा कि वह अपने हितों की रक्षा करने के लिए तैयार हैं।
ईरान के हमलों में इजरायल और अमेरिका को भी नुकसान हुआ है।
सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने वाले ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सोमवार को देश में कई अमेरिकी युद्धक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए, लेकिन सभी पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए। मंत्रालय ने दुर्घटनाओं के कारणों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन कहा कि ये दुर्घटनाएं ईरान द्वारा कुवैत को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों के दौरान हुईं।
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इस सवाल को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान “कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके”। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
