PM Modi Red Fort Speech: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कई बड़ी बातें कही। पीएम मोदी की 76 मिनट की स्पीच में उन्होंने युवाओं, महिलाओं विकास समेत अनेक मुद्दे उठाए। इस दौरान ही उन्होंने दिमागी नक्सलियों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की बात भी कही।

लाल किले से पीएम मोदी ने कहा है कि 2014 से पहले नक्सलवाद-माओवाद ने देश के लाखों युवाओं का भविष्य तबाह किया है। मुझे खुशी है कि जहां कभी गोलियां चलती थी, वहां आज विश्वास, विकास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।”

दिमागी नक्सलियों से बचना होगा- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, “हमने इस समस्या को खत्म किया है। नक्सलवाद खत्म हुआ है, लेकिन देश को दिमागी नक्सलियों से बचाना होगा, क्योंकि ऐसे लोग देश के युवाओं को भटकाने की कोशिश करते हैं।

पीएम मोदी ने नक्सलवाद को लेकर कहा, ‘सालों तक माओवादी सोच वाले लोग देश की सत्ता के गलियारों में जमे रहे, इस माओवादी विचारधारा ने सरकारी कमेटियों में सलाहकारों की भूमिका के जरिए नीतियों को भी प्रभावित किया। हम जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से मुक्त कराने में सफल रहे हैं।”

तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे दिमागी नक्सल

प्रधानमंत्री ने कहा, “हथियारबंद नक्सली तो चले गए, लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ अभी भी मौजूद हैं और ऐसी सोच रखने वाले लोग मौके की तलाश में हैं। वे हिंसा और अशांति का रास्ता बना रहे हैं, वे समाज को गलत रास्ते पर ले जाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। हमें इन ‘दिमागी नक्सलियों’ की पहचान करनी होगी। हमें उन्हें अलग-थलग करना होगा और देश के युवाओं को देश को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा की कोशिशों से जोड़ना होगा।”

पीएम मोदी ने कहा, “21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है। नक्सलवाद, माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया, अनेक माताओं के दुधमल नौजवानों को छीन लिया, बर्बाद कर दिया और मां-बाप के सपनों को चूर-चूर कर दिया। इस नक्सलवाद ने चार दशक तक हिंदुस्तान के बहुत बड़े हिस्से को वहां की बड़ी आबादी को दबोचकर रखा था।”

अब नहीं रही नक्सलियों में ताकत

उन्होंने कहा, “बंदूक की नोंक पर रखकर नक्सलियों ने देश के सामान्य नागरिकों की रक्षा में 3500 से ज्यादा हमारे पुलिस सुरक्षा बल के जवान शहीद हो गए. युद्ध के अंदर जितने सैनिक मरते हैं, उससे ज्यादा हमारे पुलिस-जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी ताकि देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा मिले।

पीएम मोदी ने कहा, “2014 में आपने हमें जब मौका दिया, उसी दिन हमने संकल्प लिया था कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे और आज मुझे खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा, आखिरी सांस भी शायद रहने की ताकत नहीं रही।”

गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने देश से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा तय की थी। अप्रैल में ही केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद खत्म होने का ऐलान कर दिया था।

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