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पीएम मोदी ने जनसंख्या पर जताई है चिंता, लेकिन इन 7 राज्यों को छोड़ देश में घट रही है प्रजनन दर

गुजरात और हरियाणा में कुल प्रजनन दर 2.2 है, जो कि देश की औसत प्रजनन दर के बराबर ही है। वहीं देश के दक्षिणी राज्यों में हालात काफी बेहतर हैं।

Author नई दिल्ली | Published on: August 16, 2019 8:24 AM
लालकिले से भाषण देते पीएम मोदी। (express image)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लालकिले से दिए गए अपने संबोधन में देश में जनसंख्या विस्फोट को लेकर चिंता जाहिर की। प्रधानमंत्री ने जनसंख्या विस्फोट को लेकर देश में सामाजिक जागरुकता लाने की बात की। हालांकि आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि देश में प्रजनन दर में लगातार कमी आ रही है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के अन्तर्गत आने वाले सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के साल 2017 के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि देश में कुल प्रजनन दर 2.2% है, वहीं कुल प्रतिस्थापन दर (रिप्लेसमेंट रेट) 2.1% है।

बता दें कि कुल प्रजनन दर किसी महिला द्वारा पैदा किए गए बच्चों को प्रदर्शित करती है, वहीं रिप्लेसमेंट रेट देश की कुल जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए किसी महिला द्वारा पैदा किए गए बच्चों की संख्या को प्रदर्शित करती है।

आंकड़ों के अनुसार, देश के सात राज्यों, जिनमें उत्तर प्रदेशन (3.0), बिहार (3.2), मध्य प्रदेश (2.7), राजस्थान (2.6), असम (2.3), छत्तीसगढ़ (2.4) और झारखंड (2.5) को छोड़कर अन्य राज्यों में प्रजनन दर में कमी आयी है। इन राज्यों में प्रजनन दर देश की कुल प्रजनन दर के औसत से ज्यादा है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, इन राज्यों में देश की 45% जनसंख्या निवास करती है।

गुजरात और हरियाणा में कुल प्रजनन दर 2.2 है, जो कि देश की औसत प्रजनन दर के बराबर ही है। वहीं देश के दक्षिणी राज्यों में हालात काफी बेहतर हैं। बता दें कि केरल (1.7), तमिलनाडु (1.6), कर्नाटक (1.7), महराष्ट्र (1.7), आंध्र प्रदेश (1.6) और तेलंगाना (1.7) में प्रजनन दर औसत से कम है। वहीं पश्चिम बंगाल (1.6), जम्मू कश्मीर (1.6) और ओडिशा (1.9) में भी प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले कम है।

बता दें कि देश की प्रजनन दर में लगातार कमी देखी जा रही है। साल 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1971 से लेकर साल 1981 के बीच देश की प्रजनन दर 5.2 से घटकर 4.5 हो गई थी। वहीं साल 1991 से लेकर साल 2017 के बीच प्रजनन दर 3.6 से घटकर 2.2 हो गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अनपढ़ महिलाओं में प्रजनन दर 2.9 है, वहीं पढ़ी-लिखी  महिलाओं में यह आंकड़ा 2.1 है।

बता दें कि पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने भाषण में कहा था कि बढती हुई आबादी हमारी आने वाले पीढ़ियों के सामने कई गंभीर चुनौतियां पेश करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि छोटा परिवार रखकर भी देश सेवा की जा सकती है।

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