नरेंद्र मोदी का एलान, छोटी नौकरियों के लिए इंटरव्यू आज से खत्म - Jansatta
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नरेंद्र मोदी का एलान, छोटी नौकरियों के लिए इंटरव्यू आज से खत्म

केंद्र सरकार में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में एक जनवरी से कोई इंटरव्यू नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नोएडा में एक जनसभा में इसका एलान करते हुए युवकों के लिए इसे ‘नए साल का तोहफा’ और भ्रष्टाचार खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया..

Author , नई दिल्ली/नोएडा | January 1, 2016 2:52 AM
22 जनवरी को चार घंटे के लिए लखनऊ आ रहे प्रधानमंत्री अपनी यात्रा का अधिकांश समय डा आंबेडकर से जुड़े कार्यक्रमों पर खर्च करने जा रहे हैं। (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्र सरकार में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में एक जनवरी से कोई इंटरव्यू नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नोएडा में एक जनसभा में इसका एलान करते हुए युवकों के लिए इसे ‘नए साल का तोहफा’ और भ्रष्टाचार खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘कल (एक जनवरी, 2016) से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू को खत्म कर दिया जाएगा। यह ट्वीट दिल्ली से मेरठ के लिए 14 लेन के एक्सप्रेस वे की नोएडा में आधारशिला रखने के दौरान की गई इस घोषणा के तुरंत बाद आया।

नोएडा के सेक्टर 62 में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज 31 दिसंबर है, 2015 का अंतिम दिन और शुक्रवार से 2016 शुरू हो जाएगा… हम युवकों को अद्भुत तोहफा देने जा रहे हैं जो युवकों को भ्रष्टाचार से मुक्त कर देगा, यह युवकों को किसी पर निर्भर रहने की बाध्यता से मुक्त कर देगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय किया है जिसे शुक्रवार से लागू किया जाएगा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए इंटरव्यू नहीं होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरव्यू को किसी के प्रभाव का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल करने के साधन के तौर पर देखा जाता है और इस प्रक्रिया में योग्य लोग छंट जाते हैं। इसलिए सरकार ने निर्णय किया है कि शुक्रवार से नववर्ष के उपहार के रूप में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में कोई इंटरव्यू नहीं होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से और योग्यता के आधार अगर कोई नौकरी के योग्य है तो आॅफर उसके घर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यह ‘बड़ा कदम’ है और नौकरियां ढूंढने में युवकों को आने वाली समस्याओं से उन्हें बचाने के लिए सरकार का प्रयास है। उन्होंने अखिलेश यादव सहित सभी मुख्यमंत्रियों से इस तरह का कदम उठाने की अपील की।

मोदी ने सबसे पहले सरकारी नौकरियों में निचले स्तर पर इंटरव्यू को खत्म करने की बात पिछले स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबोधन में की थी। उन्होंने कहा था कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और कई गरीब लोग इस प्रक्रिया में पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने दुख जताया कि इंटरव्यू की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के कारण कई लोगों को अवसर नहीं मिलता है। मोदी ने तब लालकिले की प्राचीर से कहा था कि मैंने अभी तक एक भी ऐसा मनोविज्ञानी नहीं देखा जो दो मिनट के इंटरव्यू में किसी व्यक्ति का आकलन कर ले।

हाल ही में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कामकाज बाधित होने और राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित नहीं होने की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और विपक्षी दल से नए वर्ष में यह संकल्प लेने को कहा कि वह देश के विकास की खातिर संसद में कामकाज चलने देगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि छह दशक तक सत्ता का सुख भोगने के बाद उसे ‘राजनीतिक कारणों’ से संसद में कामकाज बाधित करने और देश के विकास को रोकने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए एक के बाद एक प्रयास कर रही है। कुछ पुराने कानून हैं जो गरीबों के कल्याण और देश के आर्थिक विकास की दृष्टि से अप्रचलित हो गए हैं, ऐसे में कई विषयों पर नए कानून लाना जरूरी हो गया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि संसद जो कानून बनाने का स्थान है, वहां कामकाज नहीं होने दिया जा रहा है। जिन लोगों को जनता ने खारिज कर दिया है, वे कामकाज नहीं होने दे रहे हैं। मैं इन राजनीतिक दलों से कहूंगा कि वे ऐसा न करें। चूंकि मुझे लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिला, इसलिए मैं ‘जनसभा’ में अपनी बात रख रहा हूं। जनता ने हमें संसद में चर्चा, बहस और निर्णय करने के लिए भेजा है। उन्होंने कहा- मैं उन लोगों की नाराजगी को समझ सकता हूं जिन्हें देश चलाने का मौका नहीं मिला। लेकिन जिन्होंने 60 साल तक सभी तरह का सत्ता का सुख भोगा, उन्हें संसद को बाधित करने और कामकाज नहीं होने देने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रधानमंत्री दिल्ली और मेरठ को जोड़ने वाले एक्सप्रेस वे के शिलान्यास समारोह के दौरान एक रैली को संबोधित कर रहे थे जिस पर 7566 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इसके तहत 14 लेन के दिल्ली डासना खंड का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने इसे ‘विकास का हाईवे’ करार देते हुए कहा कि यह एक्सप्रेस वे से लगे कई क्षेत्रों में सप्ताहांत पर्यटन को बढ़ावा देगा और साथ ही कई सैटेलाइट शहरों के विकास को प्रोत्साहित करेगा।

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के कई परिवार अब सप्ताहांत में बाहर निकलते हैं। दिल्ली और इसके आसपास अच्छी सड़कों का नेटवर्क क्षेत्र में पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा देगा। इससे मुरादाबाद से लेकर उत्तराखंड तक के विकास को रफ्तार मिलेगी। सुपर एक्सप्रेस वे को बनाने में कुल 7566 करोड़ की लागत आएगी और इस 14 लेन के सुपर एक्सप्रेस वे के लिए जमीन अधिग्रहण के साथ साथ तमाम विभागों की जल्द ही एनओसी ले ली जाएगी। इस एक्सप्रेस वे का पहला चरण दिल्ली से डासना तक बनेगा। पहला चरण तैयार होने के बाद गाजियाबाद-मोदीनगर-नोएडा व दिल्ली के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी योजना के शिलान्यास के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने अपनी जगह पीएम की अगवानी करने के लिए प्रदेश के एक मंत्री शाहिद मंजूर को भेजा।

संसद चलने दे कांग्रेस: यह भारत का दुर्भाग्य है कि जिन लोगों को जनता ने खारिज कर दिया है, वे संसद में कामकाज नहीं होने दे रहे हैं। संसद को चलाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की ज्यादा है क्योंकि उन्होंने छह दशक से ज्यादा समय तक ‘सत्ता का सुख’ भोगा है। चूंकि मुझे लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिला, इसलिए मैं ‘जनसभा’ में अपनी बात रख रहा हूं।

विकास का हाईवे: दिल्ली से मेरठ के लिए 7566 करोड़ की लागत 14 लेन के एक्सप्रेस वे की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री ने इसे विकास का हाईवे करार दिया। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस वे से लगे कई क्षेत्रों में सप्ताहांत पर्यटन को बढ़ावा देगा और साथ ही कई सैटेलाइट शहरों के विकास को प्रोत्साहित करेगा।

अखिलेश रहे नदारद: उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी परियोजना के शिलान्यास के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने अपनी जगह पीएम की अगवानी के लिए प्रदेश के मंत्री शाहिद मंजूर को भेजा। कहा जाता है कि अखिलेश किसी अपशकुन के डर से नोएडा नहीं आते।

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