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आरएसएस को नहीं, नरेंद्र मोदी और अमित शाह को योगी आदित्यनाथ पसंद हैं, जानिए क्यों

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यूपी में चुनाव प्रचार अभियान शुरू होने से पहले पार्टी अध्यक्ष शाह ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से यूपी के सीएम कैंडिडेट बनने की बात पूछी थी।

Yogi Adityanath, Yogi Adityanath Cabinet, Yogi Adityanath Ministers, Uttar Pradesh Cabinet, Uttar pradesh Ministers, Yogi Adityanath Cabinet Ministers, Dinesh Sharma, Keshav Prasad maurya, Swati Singh, Indiaभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के डिप्टी सीएम बनाए गए केशव प्रसाद मौर्य और यूपी के नए सीएम योगी आदित्यनाथ। (PTI Photo)

यूपी विधानसभा चुनाव में 312 सीट अपने खाते में डालकर रिकॉर्ड विजय हासिल करने वाली बीजेपी की जीत को लेकर लोगों में जितनी हैरानी थी, उससे कई ज्यादा हैरानी गोरखपुर से बीजेपी सांसद और पार्टी के हार्डकोर हिंदुत्ववादी नेता योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर थी। मीडिया में खबरें आईं कि योगी को मुख्यमंत्री बनवाने में संघ का हाथ है और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पीएम मोदी से बात करके योगी को सीएम घोषित करने के लिए कहा। लेकिन, इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की नजरों में योगी आदित्यनाथ हमेशा से प्रबल दावेदार थे। यही नहीं, संघ को इस फैसले के बारे में बहुत कम जानकारी थी और संघ की पसंद योगी नहीं बल्कि कोई और था। कुछ बीजेपी नेताओं ने नाम न उजागर करने की शर्त पर ईटी को बताया कि योगी को सीएम चुने जाने के पीछे का कारण उनकी लोकप्रियता, राजनीतिक दबदबा, विभिन्न जातियों में उनकी अपील और चुनाव में उनकी ओर से बरता गया संयम बड़ा योगदान रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेताओं का कहना है कि यूपी में चुनाव प्रचार अभियान शुरू होने से पहले पार्टी अध्यक्ष शाह ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से यूपी के सीएम कैंडिडेट बनने की बात पूछी थी। शाह ने सिंह को बताया था कि सीएम के संभावित उम्मीदवार के लिए केवल दो नाम सामने हैं, एक तो सिंह का और दूसरा योगी का। इसपर राजनाथ ने बिना सीएम का चेहरा घोषित किए चुनाव लड़ने की बात कही थी। साथ ही खुद सीएम कैंडिडेट बनने से इनकार कर दिया। कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि यूपी में बीजेपी द्वारा कराए गए सर्वे में सीएम कैंडिडेट के तौर पर राजनाथ के बाद लोगों की पसंद योगी आदित्यनाथ थे। राजनाथ के इनकार के बाद योगी प्रबल दावेदार के रूप में उभर कर सामने आए। इसके अलावा उनका सभी जातियों में लोकप्रिया होने भी अहम फैक्टर साबित हुआ। आदित्यनाथ जातियों से ऊपर एक सन्यासी हैं, और गोरखनाथ पीठ के अनुयायियों में पिछड़ी जातियों (खासकर यादव) के लोग बड़े पैमाने पर शामिल हैं। जिसके कारण योगी की पिछड़ी जातियों में अच्छी खासी अपील है।

रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के शीर्ष नेताओं का कहना है कि योगी को मुख्यमंत्री बनाने में आरएसएस (RSS) की भूमिका ना के बराबर थी। इस फैसले के बारे में संघ को बहुत ज्यादा जानकारी नहीं थी। संघ की पसंद तो राजनाथ सिंह थे। यूपी में बीजेपी की जीत में संघ की भूमिका सीमित थी और संघ इस स्थिति में नहीं था कि वह बीजेपी पर दबाव बना सके।

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