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पीएम मोदी का ऐलान: 21 जून से सभी को मुफ्त वैक्सीन, गरीबों को नवंबर तक मिलेगा मुफ्त अनाज

पीएम मोदी ने कहा कि टीके को लेकर सरकार ने 1 मई से पहले जो पॉलिसी बनाई थी वो ही अब अमल में लाई जा रही है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके से ये नई नीति लागू होगी। केंद्र वैक्सीन कंपनियों से खुद  75 फीसदी टीके की खरीद करेगा और राज्यों को मुफ्त  टीका उपलब्ध कराएगा। 25 फीसदी वैक्सीन की खरीद निजी अस्पताल कर सकेंगे।

पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया। (स्रोत-पीएमओ ट्विटर)।

वैक्सीन को लेकर तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच पीएम मोदी ने आज ऐलान किया कि टीके को लेकर सरकार ने 1 मई से पहले जो पॉलिसी बनाई थी वो ही अब अमल में लाई जा रही है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके से ये नई नीति लागू होगी। केंद्र वैक्सीन कंपनियों से खुद  75 फीसदी टीके की खरीद करेगा और राज्यों को मुफ्त  टीका उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही उन्होंने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का को दीपावली तक आगे बढ़ाने की घोषणा की। यानि अब नवंबर तक गरीबों को मुफ्त अनाज मिलेगा।

पीएम मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर का जिक्र कर कहा कि ये संकट 100 सालों का सबसे अभूतपूर्व संकट था। लेकिन सरकार ने इससे लड़ने के लिए हर संभव कोशिश की। जब ऑक्सिजन की कमी हुई तो देश में उत्पादन बढ़ाने के साथ विदेशों से भी मदद ली गई। दस गुना से ज्यादा ऑक्सिजन के प्रोडक्शन को बढ़ाया गया। दुनिया के हर कोने से जो कुछ मिल सकता था उसे लाया गया। जरूरी दवाओं के प्रोडक्शन को बढ़ाने के साथ विदेशों से दवा मंगाने के काम में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। पीएम ने अपनी सरकार की तारीफ कर कहा कि  एक साल के भीतर मेड इन इंडिया वैक्सीन लॉन्च करना बड़ी उपलब्धि है। भारत ने ये करके दिखाया कि वो बड़े-बड़े देशों से पीछे नहीं है। 23 करोड़ डोज लोगों को दी जा चुकी है। पीएम ने कहा कि प्रयासों में सफलता तब मिलती है जब अपने पर विश्वास होता है। हमें पूरी तरह से पता था कि वैज्ञानिक वैक्सीन बना लेंगे। जब वैज्ञानिक वैक्सीन बना रहे थे तब सरकार ने लॉजिस्टिक को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थीं।

पीएम ने कहा कि सरकार ने पहले ही वैक्सीन टॉस्क फोर्स का गठन कर दिया गया था। सरकार ने हर कदम पर वैक्सीन निर्माताओं के साथ खड़ी रही। आत्मनिर्भर भारत के साथ अन्य मदों से भी इसके लिए फंड मुहैया कराया गया। आज देश में सात कंपनियां विभिन्न वैक्सीन का उत्पादन कर रही हैं। वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दूसरे देशों से भी खरीद की जा रही है। पीएम ने कहा कि भारत का वैक्सिनेशन कार्यक्रम केंद्र की देखरेख में ही चला। उनका कहना था कि लोग उत्साह के साथ वैक्सीन की डोज लगवा रहे थे।

पीएम ने कहा कि कई राज्यों ने वैक्सीन पर सवाल उठाए और मीडिया में भी रिपोर्ट्स आईं तो केंद्र ने तय किया कि राज्य अगर कुछ अपनी तरफ से करना चाहें तो क्या गलत है। इस वजह से केंद्र ने 25 फीसदी काम उन्हें ही सौंप दिया। 1 मई से राज्यों के हवाले वैक्सीन का काम किया गया। पीएम का कहना था कि राज्यों ने अपनी तरह से प्रयास भी किए लेकिन इतने बड़े काम में कितनी कठिनाइयां आती हैं ये उन्हें बाद में पता चला। दुनिया में वैक्सीन को लेकर क्या परेशानी झेलनी पड़ रही हैं, इससे भी वो दो-चार हुए।

मोदी ने कहा कि जब परेशानियां बढ़ीं तो राज्यों ने अपने पैर पीछे खींचने शुरू कर दिए। अब केंद्र ने तय किया है कि 1 मई के पहले वाली पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए। सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्यों के पास 25 फीसदी जो काम था वो भी भारत सरकार उठाएगी। दो सप्ताह में पूरी व्यवस्था लागू की जाएगी। 21 जून को योग दिवस के मौके पर देश के हर राज्य में 18 साल से ऊपर के सभी राज्यों को के लिए सरकार टीका उपलब्ध कराएगी। किसी राज्य को वैक्सीन खरीद के लिए कोई खर्च नहीं करना होगा। केंद्र सभी को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराएगी।

पीएम ने कहा कि जो व्यक्ति निजी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाना चाहते हैं उनके लिए वैक्सीन कंपनियां 25 फीसदी वैक्सीन निजी अस्पतालों को मुहैया कराएंगे। अस्पताल वैक्सीन की कीमत पर 150 रुपये तक ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे। राज्य सरकारें उन पर निगाह रखेंगी। पीएम ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में 130 करोड़ से अधिक भारतीयों ने योगदान दिया है। उनका कहना था कि आपसी तालमेल से वैक्सीन अभियान को आगे बढ़ाएंगे। भारत में वैक्सिनेशन की रफ्तार दुनिया में सबसे ज्यादा है। कोविन प्लेटफार्म को दूसरे देश भी अपना रहे हैं। पीएम ने कहा कि हर राज्य को पहले ही बता दिया जाएगा कि उसे कब कितनी डोज मिलेगी।

लॉकडाउन में गरीब कल्याण अन्न योजना का जिक्र कर पीएम ने कहा कि मई-जून के लिए इस योजना का विस्तार किया गया था। लेकिन अब इसे दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार गरीब के साथ खड़ी है। नवंबर तक ये अनाज उपलब्ध कराया जाता रहेगा। उनका कहना था कि सरकार किसी गरीब को भूखा नहीं सोने देगी।

वैक्सीन पर भ्रम को लेकर पीएम ने कहा कि जो लोग टीके पर आशंका पैदा कर रहे हैं, उन्हें देश देख रहा है। ऐसे लोग भोले भाले लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू में ढील का मतलब ये नहीं कि वायरस देश से चला गया है। उन्होंने फिर से कहा कि कोरोना से जंग में जीतेंगे और भारत सिरमौर बनकर खड़ा होगा। उनका कहना था कि कोरोना से लड़ने के लिए सबसे कारगर उपाय कोविड प्रोटोकॉल की पालना ही है। उन्होंने फिर से मंत्र दिया दवाई के साथ कड़ाई भी।

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