पीएम मोदी के एडवाइजर का इस्तीफा, पीके सिन्हा के बाद PMO छोड़ने वाले दूसरे टॉप अफसर

सिन्हा को पिछले साल फरवरी में पीएम मोदी के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके इस्तीफे के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

amarjeet sinha, PMO
पीएम मोदी के सलाहकार रहे अमरजीत सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। (फोटो-ट्विटर)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार रहे अमरजीत सिन्हा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। जबकि मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ को इस खबर की पुष्टि की है। सिन्हा बिहार कैडर (1983 बैच) के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे हैं। उन्हें पिछले साल फरवरी में पीएम मोदी के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके इस्तीफे के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

देश के शीर्ष कार्यालय से इस साल यह दूसरा महत्वपूर्ण इस्तीफा है। पीएम के प्रधान सचिव पीके सिन्हा ने मार्च में इससे पहले इस्तीफा दे दिया था। सिन्हा को भास्कर खुल्बे के साथ प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। तीन दशकों के लंबे करियर में, सिन्हा ने अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र-ग्रामीण विकास के अलावा शिक्षा और पंचायती राज मंत्रालयों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और सर्व शिक्षा अभियान जैसी योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। सिन्हा ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में भविष्य के नौकरशाहों के लिए प्रशिक्षक के रूप में भी काम किया है।

बता दें कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सिन्हा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को संभालते थे। मालूम हो कि आईएएस अधिकारी सिन्हा 2019 में ग्रामीण विकास सचिव के तौर पर सेवानिवृत्त हुए थे और उसके बाद उन्हें पीएमओ में नियुक्त किया गया था।

सिन्हा अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा देने वाले पीएमओ के तीसरे शीर्ष अधिकारी हैं। इससे पहले, पीएम के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने 2019 के संसदीय चुनावों के बाद पद छोड़ दिया था। इसके बाद, प्रधान सलाहकार, पी.के. सिन्हा, जो कि पूर्व कैबिनेट सचिव भी रहे, ने पीएमओ से इस्तीफा दे दिया था।

पी.के. सिन्हा को पहले पीएमओ में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त किया गया था और फिर प्रधान सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। संसदीय चुनाव के बाद सितंबर 2019 में  उनके लिए विशेष रूप से यह पद बनाया गया था।

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