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दांडी मार्च के 89 साल: PM मोदी ने लिखा ब्लॉग, कहा- भारत को कांग्रेस की संस्कृति से कर रहे मुक्त, गांधी का यही था सपना

पीएम मोदी ने दांडी मार्च के 89 सालगिरह पर एक ब्लॉग लिखा और महात्मा गांधी के हवाले से कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि गांधीजी खुद चाहते थे कि 1947 के बाद कांग्रेस को भंग कर दिया जाए।

Author March 12, 2019 8:09 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो क्रेडिट/PTI)

जिस दिन कांग्रेस के शीर्ष नेता अहमदाबाद में कार्यकारिणी की बैठक कर रहे थे, उसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘कांग्रेस की संस्कृति’ को आड़े हाथों लिया और कहा, “कांग्रेस की संस्कृति गांधीवाद के बिल्कुल विपरीत है।” महात्मा गांधी के 1930 में दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) की सालगिरह के मौके पर मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ‘वंशवाद’ को तरजीह दी, जबकि गांधी ने वंशवाद की राजनीति को ‘तुच्छ’ करार दिया था। मंगलवार को लिखे अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गांधी की विचारधारा को नष्ट करने का काम किया।

पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा, “गांधी जी कांग्रेस की संस्कृति से बाखूबी वाकिफ थे, यही वजह है कि 1947 के बाद वह कांग्रेस को भंग कर देना चाहते थे।” मोदी लिखते हैं, “गांधी जी ने अपने कार्यों के जरिए हमेशा बताया है कि वह असमानता और जाति विभाजन में विश्वास नहीं रखते। लेकिन, दुख की बात है कि कांग्रेस ने समाज को बांटने में थोड़ी कभी भी संकोच नहीं किया। सबसे भयानक जातिगत दंगे और दलितों के नरसंहार की घटनाएं कांग्रेस के शासन में ही हुई हैं।”

प्रधानमंत्री ने अपने ब्लॉग के शुरुआत दांडी मार्च के आयोजन में सरदार पटेल की अहम भूमिका के बारे में लिखा।(जब गांधी दांडी मार्च की योजना बना रहे थे, तब 7 मार्च, 1930 को अंग्रेजी हुकूमत ने यात्रा के लिए रूट तैयार करने वाले सरदार पटेल को गिरफ्तार कर लिया, ताकि गांधी को वे हतोत्साहित करके यात्रा स्थगित करा सकें।) पीएम मोदी व्याख्या करते हैं, “सगंठन पर अच्छी पकड़ रखने वाले सरदार पटेल ने दांडी मार्च के हर बारीक पहलू को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की थी। अंग्रेज सरदार साहब से इस कदर डरे हुए थे कि उन्होंने दांडी मार्च से कुछ दिन पहले ही उन्हें यह सोचकर गिरफ्तार कर लिया था कि इससे गांधी जी डर जाएंगे डर डाएंगे। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। क्योंकि, अंग्रेजी औपनिवेशवाद के खिलाफ लड़ने का मजबूत इरादा हर मुश्किल और डर पर भारी था।”

मोदी, जिनके हाथों में अप्रैल-मई में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के प्रचार की कमान है, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पिछले पांच सालों में महात्मा गांधी के पदचिन्हों पर चलने की कोशिश की है। उन्होंने ब्लॉग में लिखा, “गांधी जी ने हमें पहले गरीब लोगों का ख्याल रखने के बारे में सीख दी है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि सरकार के सभी कार्यों के जरिए गरीबी को मिटाने और समृद्धि को लाने की कोशिश की गई है।” उन्होंने आगे लिखा, “शुक्र है कि आज केंद्र में ऐसी सरकार है जो बापू के पदचिन्हों पर चल रही है और इसमें जन शक्ति उनके भारत से कांग्रेस संस्कृति खत्म करने के सपने को पूरा कर रही है।”

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