C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से कल पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उतरेंगे पीएम मोदी, जानें, कैसे दूसरे विश्व युद्ध से आइडिया लेकर तैयार की गई है इमरजेंसी लैंडिंग

पीएम के विमान की लैंडिंग के तुरंत बाद लड़ाकू विमान जगुआर, मिराज-2000 और सुखोई -30 एमकेआई हवाई करतब दिखाते हुए एक्सप्रेसवे की एयरस्ट्रिप पर उतरेंगे।

उद्घाटन के लिए तैयार 341 किमी लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे। (Photo Source: Social Media)

यूपी चुनाव से पहले बहुप्रतीक्षित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को पीएम मोदी वायु सेना के विशेष C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से उतरेंगे। इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए सड़क पर विमान की लैंडिंग का आइडिया दूसरे विश्व युद्ध से लिया गया है। देश में एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को वायु सेना के विमानों के आपातकालीन लैंडिंग के लिए चिह्नित किया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी में भी ऐसा किया गया था।

प्रधानमंत्री के भारी भरकम विमान की लैंडिंग के तुरंत बाद लड़ाकू विमान जगुआर, मिराज-2000 और सुखोई -30 एमकेआई भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की एयरस्ट्रिप पर उतरेंगे। 22 हजार 500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर के पास 3.1 किमी लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है। इसी हवाई पट्टी पर ही प्रधानमंत्री का विशेष C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान 16 नवंबर मंगलवार को उतरेगा। इस दौरान करीब 30 दूसरे विमान एयर शो में हिस्सा लेंगे और हवाई करतब दिखाएंगे। विमानों को उतारने से पहले इसका कई बार ट्रायल किया गया।

341 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे राज्य की राजधानी लखनऊ से शुरू हो रहा है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में यह समाप्त होता है। एक्सप्रेसवे लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकर नगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर सहित उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से होकर गुजरेगा। यह लिंक सड़कों के माध्यम से वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहरों को भी जोड़ेगा। इस पर कई रेलवे-ओवर-ब्रिज भी बनाए गए हैं। इसमें सात बड़े पुल, सात रेलवे ओवरब्रिज, 114 छोटे पुल और 271 अंडर पास बनाए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हरक्यूलिस विमान से उतरेंगे। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही जुलाई 2018 में इसकी आधारशिला रखी थी।

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण रिकॉर्ड 40 महीने में किया गया है। हालांकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। उद्घाटन से एक दिन पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ सरकार पर लागत कम करने के लिए गुणवत्ता से समझौता करने का आरोप लगाया।

अखिलेश ने गाजीपुर जिला प्रशासन द्वारा एक्सप्रेस वे पर चलने की इजाजत नहीं दिए जाने पर मंगलवार को सपा द्वारा फूल चढ़ाकर सांकेतिक रूप से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन का ऐलान भी किया। सपा अध्यक्ष ने कहा, “जिस गुणवत्ता के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बनना चाहिए था, उसमें समझौता किया गया है। इसे उस क्वालिटी के साथ नहीं बनाया गया है।”

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