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इंदिरा गांधी के ‘गरीबी हटाओ’ नारे को टक्कर देने के लिए नया स्लोगन लाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदिरा गांधी के वक्त के मशहूर स्लोगन 'गरीबी हटाओ' को टक्कर देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से नया स्लोगन ला सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदिरा गांधी के वक्त के मशहूर स्लोगन ‘गरीबी हटाओ’ को टक्कर देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से नया स्लोगन ला सकते हैं। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, उस नए नारे का ऐलान शनिवार (24 सितंबर) की रैली में किया जा सकता है। शनिवार को केरल में रैली होनी है। वह रैली बीजेपी के नेशनल कॉउंसिल की है। उसमें पार्टी के शीर्ष नेता भी मौजूद रहेंगे। खबर के मुताबिक, यह फैसला अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए लिया गया है। पार्टी का मानना है कि गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़कर पार्टी मजबूत स्थिति में आ सकती है। अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं।

गरीबी हटाओ का नारा इंदिरा गांधी ने 1971 में दिया था। बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस ने उस नारे पर कभी ध्यान नहीं दिया और ना ही उसके लिए कुछ किया। माना जा रहा है कि स्कीम का नाम दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखा जा सकता है। बीजेपी ने गरीबों से जुड़ी कई स्कीमों का नाम उनपर रखा है। दीन दयाल उपाध्याय जनसंघ से जुड़े थे और उन्होंने गरीबों के लिए काफी काम किया था। बीजेपी उनके जन्मदिन के तोहफे के रूप में नया नारा ला सकती है। केरल के कलिकट को इस कार्यक्रम के लिए भी इसलिए ही चुना गया है। वहीं से 1967 में उपाध्याय को पहली बार जनसंघ का अध्यक्ष चुना गया था।

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गौरतलब है कि पीएम मोदी ‘गरीबी हटाओ’ के नारे को पहले भी निशाना बना चुके हैं। 2015 में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा था पिछले 50 सालों में जो काम नहीं हो पाया, उसे वह 50 महीने में पूरा करके दिखाएंगे। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का नाम लिए बिना उसे ललकारते हुए कहा कि जिन्होंने पिछले 40-50 साल में गरीबों के खाते तक नहीं खोले और उनकी अहमियत नहीं समझी, वो उनसे हिसाब मांग रहे हैं। अपने संबोधन में कांग्रेस का सीधे नाम लिये बिना मोदी ने कहा, ‘अच्छा होता अगर 40-50 साल पहले (गरीबों के खाते) खोल दिये जाते, तब आज उसे ऑपरेट करने की जरूरत नहीं होती। आपने जो काम 50 वर्षो में नहीं किया, वो काम मैं 50 महीने में करूंगा। मैं यहां यह बताने आया हूं।’

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