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ओबामा ने MTCR और NSG में किया भारत का समर्थन, पीएम मोदी ने किया स्वागत

PM नरेंद्र मोदी के साथ करीब घंटे चली बातचीत में ओबामा ने पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूहों से और ‘डी’ कंपनी जैसे आतंकी खतरों के खिलाफ भारत का सहयोग करने का वादा भी किया।

ओवल ऑफिस में हुई इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने ओबामा का शुक्रिया अदा किया। (फोटो-टि्वटर)

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) की सदस्यता के लिए भारत के प्रयास का समर्थन किया। दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की सहमति के बीच यह बात आई जिसमें भारत को रक्षा क्षेत्र में अमेरिका के करीबी साझेदार का दर्जा देने के रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीब घंटे चली बातचीत में ओबामा ने पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूहों से और ‘डी’ कंपनी जैसे आतंकी खतरों के खिलाफ भारत का सहयोग करने का वादा भी किया।

अमेरिकी पक्ष ने महत्वपूर्ण तरीके से पठानकोट हमले को 26-11 आतंकवादी हमलों की तरह मानने की अपनी प्रतिबद्धता जताई ताकि पाकिस्तान में साजिशकर्ताओं को दंड सुनिश्चित किया जा सके। दोनों देशों ने भारत में छह अमेरिकी परमाणु रिएक्टरों के निर्माण पर काम शुरू करने का भी फैसला किया।

प्रमुख समझौते क्या हुए: बातचीत के बाद आतंकवाद संबंधी सूचना की स्क्रीनिंग के आदान-प्रदान पर एक समझौते समेत छह करारों पर दस्तखत किये गये। बातचीत में मुख्यत: आतंकवाद, स्वच्छ उर्जा, जलवायु परिवर्तन, रक्षा, क्षेत्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आर्थिक संबंध और जनता के बीच संपर्क जैसे विषय रहे।

पीएम मोदी के साथ मीडिया को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि दोनों सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और अमेरिका के लिए साझेदारी को गहन करना और व्यापक करना स्वाभाविक है।ओबामा ने कहा कि असैन्य परमाणु करार में हुई प्रगति के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैंने एनएसजी का हिस्सा होने के नाते भारत को समर्थन जताया।’

इस बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चीन भारत के इस तरह के प्रयास का विरोध कर रहा है। ओबामा ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को प्रौद्योगिकी की जरूरत है जो उसकी प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हो। 50 सूत्री संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, ‘राष्ट्रपति ओबामा ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में शामिल होने के भारत के आवेदन का स्वागत किया और इस बात को दोहराया कि भारत सदस्यता के लिए तैयार है। अमेरिका ने एनएसजी में साझेदार सरकारों से आह्वान किया कि इस महीने के अंत में एनएसजी के पूर्ण अधिवेशन में भारत के आवेदन का समर्थन करें।’
इसके अनुसार, ‘अमेरिका ने भारत को ऑस्ट्रेलिया समूह और वासेनार व्यवस्था की सदस्यता जल्द मिलने के लिए भी अपना समर्थन दोहराया।’ बाद में मोदी ने कहा, ‘एमटीसीआर और एनएसजी में सदस्यता के संबंध में मेरे मित्र राष्ट्रपति ओबामा ने जो मदद और समर्थन दिया है, उसके लिए मैं आभारी हूं।’

अमेरिका और भारत आतंकवादियों की रासायनिक, जैविक, परमाणु और रेडियोलॉजिकल सामग्री तक पहुंच और उनका इस्तेमाल करने के खतरे से मिलकर मुकाबला करेंगे। मुलाकात में मोदी ने 2018 में जनसंहार आतंकवाद के हथियारों का मुकाबला करने पर एक सम्मेलन की मेजबानी की पेशकश की जिसका ओबामा ने स्वागत किया। दोनों ने पिछले दो सालों में असैन्य परमाणु करार को लागू करने में दोनों सरकारों द्वारा उठाये गये कदमों पर भी चर्चा की। पीएम मोदी और ओबामा की अगली मुलाकात जी-20 सम्मेलन में होगी।

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