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इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम स्‍टैच्‍यू: बोले नरेंद्र मोदी- जिनकी यादें आजादी के बाद मिटाई जा रही थीं… अब पुनर्जीवित हो रही हैं

Subhash Chandra Bose Jayanti: इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के होलोग्राम स्टैच्यू का पीएम मोदी ने रविवार को उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना भी साधा।

netaji subhash chandra bose
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की प्रतिमा (फोटो- @BJP4India)

दिल्ली में रविवार को पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के होलोग्राम स्टैच्यू का अनावरण किया। नेताजी की ग्रेनाइट प्रतिमा को वहां रखा जाएगा जहां ब्रिटिश सम्राट किंग जॉर्ज पंचम की प्रतिमा थी। इस मौके पर पीएम ने कहा कि हमारे उन नायकों की भूमिका, जिनकी यादें आजादी के बाद मिटाई जा रही थीं… अब पुनर्जीवित हो रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत को स्वतंत्र और समृद्ध बनने का विश्वास दिलाया था। उन्होंने कहा- “नेताजी ने बड़े गर्व, आत्मविश्वास और साहस के साथ अंग्रेजों से कहा कि मैं आजादी को भिक्षा के रूप में नहीं लूंगा, इसे हासिल करूंगा। नेताजी की प्रतिमा एक कृतज्ञ राष्ट्र के महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि है। यह प्रतिमा हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों और हमारी पीढ़ियों को राष्ट्रीय कर्तव्य की याद दिलाएगी और पीढ़ियों को प्रेरित करेगी”।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और विरासत के साथ-साथ कई महान हस्तियों के योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में लाखों लोगों ने संघर्ष किया, लेकिन उनके इतिहास को सीमित करने का प्रयास किया गया। लेकिन आज, आजादी के दशकों के बाद, देश उन गलतियों को साहस के साथ सुधार रहा है।

पीएम ने आगे अपने सरकार के कार्यों को गिनाते हुए कहा- “आज देश बाबा साहब भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच तीर्थ स्थलों का विकास कर रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की महिमा में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तीर्थ बन गया है। हमने अंडमान के एक द्वीप का नाम नेताजी के नाम पर रखा है। वहां उनके नाम पर एक स्मारक भी समर्पित किया गया है।”

पीएम के अलावा इस कार्यक्रम को गृहमंत्री अमित शाह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यहां स्थापित होने वाली नेताजी की प्रतिमा साहस, देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने कहा- “यह सिर्फ ग्रेनाइट की मूर्ति नहीं होगी बल्कि नेताजी के लिए राष्ट्र की भावनाओं की अभिव्यक्ति होगी। भारत की आजादी के लिए संघर्ष करने वाली कई ऐसी शख्सियतों को गुमनामी में धकेलने की कोशिश की गई है। लेकिन आज यहां नेताजी की प्रतिमा स्थापित करने के निर्णय से देश संतुष्ट और उत्साहित महसूस कर रहा है”।

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