प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का पास न होना देश भर की महिलाओं के लिए एक बड़ा झटका है। पीएम मोदी ने कहा कि मेरा अथक कोशिश के बावजूद यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इसके लिए मैं देश की माता-बहनों से माफी मांगता हूं।

शुक्रवार को लोकसभा में सरकार को इसको लेकर बड़ा झटका लगा था। जिसके चलते विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव रखने वाला संविधान (131वां संशोधन) विधेयक खारिज हो गया।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण को लागू करने के लिए लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करना था। इसमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी कोटा समायोजित करने के लिए सीटों का विस्तार करने की योजना थी।

प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें-

“आज मैं देश की माताओं, बहनों और बेटियों से बात करने आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि भारत की नारी शक्ति के सपनों को किस प्रकार बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो सके। इसके लिए मैं सभी माताओं और बहनों से माफी मांगता हूँ।”

“हमारे लिए राष्ट्र हित सर्वोपरि है। लेकिन कुछ लोगों के लिए, जब दलीय हित सर्वोपरि हो जाता है, तो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र हित दोनों ही प्रभावित होते हैं। इस बार भी यही हुआ है। कुछ दलों की स्वार्थी राजनीति…”कांग्रेस-डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी की वजह से इस देश की महिलाओं को नुकसान उठाना पड़ा है।”

“महिलाओं के कल्याण से संबंधित विधेयक के खारिज होने पर कांग्रेस और डीएमके जैसी पार्टियों को ताली बजाते और मेजें पीटते देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। उन्होंने जो किया वह सिर्फ शोर मचाना नहीं था, बल्कि महिलाओं की गरिमा पर एक आघात था।”

“एक महिला सब कुछ भूल सकती है, लेकिन वह अपने अपमान को कभी नहीं भूलती। उनके व्यवहार का दर्द हर महिला के दिल में हमेशा रहेगा। जब भी इस देश की महिलाएं अपने इलाकों में इन नेताओं को देखेंगी, तो उन्हें याद आएगा कि ये वही लोग थे जिन्होंने संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण खत्म करने का जश्न मनाया था।”

“कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में लगातार झूठ फैला रहे हैं। वे इसे विभाजन की आग भड़काने के बहाने के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। ‘बांटो और राज करो’-यह वही राजनीति है जो कांग्रेस को अंग्रेजों से विरासत में मिली है। इसीलिए यह झूठा नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि परिसीमन के कारण कुछ राज्यों को नुकसान होगा। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या बराबर अनुपात में बढ़ेगी।”

मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के मुख्य कारणों में से एक वंशवादी दलों का डर है। उन्हें डर है कि अगर महिलाओं को सशक्त बनाया गया तो उनके नेतृत्व को चुनौती मिलेगी। वे नहीं चाहते कि उनके परिवार से बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज लाखों महिलाओं ने पंचायतों और स्थानीय निकायों में अपनी क्षमता साबित की है और अब वे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सेवा करने की आकांक्षा रखती हैं।

“परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए अधिक सीटें होतीं और उनका प्रतिनिधित्व बढ़ता। इसीलिए उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया। इस देश की महिलाएं कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इस कुकर्म के लिए कभी माफ नहीं करेंगी।”

“उन्होंने अपने-अपने राज्यों की जनता के साथ भी विश्वासघात किया है। डीएमके के पास मौका था, टीएमसी के पास भी बंगाल की जनता को आगे ले जाने का मौका था, लेकिन उन्होंने भी इसे गंवा दिया। समाजवादी पार्टी के पास भी महिला विरोधी छवि को सुधारने का मौका था, लेकिन इसका विरोध करके उसने लोहिया जी के सपनों को चकनाचूर कर दिया।”

“कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सुधार विरोधी पार्टी है। 21वीं सदी में विकसित भारत के लिए जो भी निर्णय आवश्यक हैं, कांग्रेस उन सभी का विरोध करती है। यह कांग्रेस का इतिहास रहा है और उसकी नकारात्मक राजनीति को दर्शाता है।”

“कुछ लोग महिलाओं की आकांक्षाओं को लगे इस झटके को सरकार की विफलता बता रहे हैं, लेकिन यह कभी सफलता, विफलता या श्रेय का सवाल ही नहीं था। मैंने संसद में कहा था कि अगर महिलाओं को उनका उचित हिस्सा मिलता है, तो मैं इसका पूरा श्रेय विपक्ष को देने के लिए तैयार हूं।”

“कल हमारे पास पर्याप्त संख्या नहीं थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने हार मान ली है। हमारे प्रयास जारी रहेंगे। भविष्य में हमें और अवसर मिलेंगे। आधी आबादी के सपनों और देश के भविष्य के लिए, हम इस संकल्प को पूरा करने के लिए दृढ़ निश्चयी हैं।”

“बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो… लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करेंगे। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी। कांग्रेस हमेशा से हर रिफॉर्म को रोककर बैठी रही। लटकाना, भटकाना, अटकाना… यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, वर्क कल्चर रहा है।”

‘रिफॉर्म विरोधी हैं कांग्रेस और उसके सहयोगी’, महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर बरसे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया। पीएम मोदी का यह संबोधन लोकसभा में महिला आरक्षण संबंधी संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के एक दिन बाद हो रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “देश की महिलाओं के सपने को कुचल दिया गया है। इसलिए मैं देश के माताओं-बहनों से क्षमाप्राथी हूं।”  पढ़ें पूरी खबर।