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बैंक वाले 32 साल तक लगाते रहे नरेंद्र मोदी का पता, पीएम ने सुनाया मजेदार किस्‍सा

पेमेंट बैंक के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक वाकया भी सुनाया। इस वाकये में बैंककर्मी पूरे 32 सालों तक नरेंद्र मोदी को खोजते रहे। लेकिन वह उन्हें काफी बाद मेंं मिल सके।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में शनिवार (1 सितंबर) को इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्घाटन किया था। इस पेमेंट बैंक की पूरे देश में 650 शाखाएं और 3250 संपर्क केंद्र हैं। ये पेमेंट बैंक भारतीय डाक विभाग से संबंधित है। इसे शुरू करने की मंशा देश के हर नागरिक तक बैंकिंग की सुविधा को पहुंचाना है। पेमेंट बैंक के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक वाकया भी सुनाया।

इस वाकये में बैंककर्मी पूरे 32 सालों तक नरेंद्र मोदी को खोजते रहे। लेकिन वह उन्हें काफी बाद मेंं मिल सके। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में बताया कि जब तक मैं विधायक नहीं बन गया, तब तक मेरे पास इतने पैसे नहीं होते थे कि मैं उससे बैंक खाता खोल सकूं। लेकिन मेरे जीवन का पहला बैंक अकाउंट स्कूल के दिनों में देना बैंक ने खोला था। ये विद्यार्थियों के लिए पिग्गी बैंक वाला खाता था। हालांकि मेरा खाता हमेशा खाली ही रहता था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि मेरे गांव छोड़ने के बाद बैंक के अधिकारी पूरे 32 सालों तक मुझे खाता बंद करने के लिए खोजते रहे। 32 सालों के बाद अधिकारियों को उस जगह का पता चला, जहां मैं रहा करता था। बैंक के अधिकारी वहां गए और कहा, इस कागज पर हस्ताक्षर कीजिए ताकि हम आपका बैंक खाता बंद कर सकें। लेकिन बाद में जब मैं गुजरात में विधायक बन गया और मुझे वेतन मिलना शुरू हो गया। तब मुझे बैंक खाते की जरूरत पड़ी। इससे पहले मेरे पास कोई बैंक खाता नहीं था।

वैसे बता दें कि इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक भारतीय डाक विभाग का पेमेंट बैंक है। इसे शुरू करने का उद्देश्य देश के हर नागरिक के दरवाजे तक बैंकिंग सुविधाओं को ले जाना है। भारतीय डाक विभाग के पास पूरे देश में डाकखाने का विस्तृत नेटवर्क है। इसके अलावा पूरे देश में तीन लाख पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक भी हैं। जो पूरे देश में नागरिकों की सूचनाएं उन तक पहुंचाते हैं।

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