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दौड़ गई देश की पहली Driverless Metro, ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ की भी PM ने की शुरुआत; जानें फायदे और फीचर्स

इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो उस लिस्ट में शामिल हो गयी जहाँ बिना ड्राइवर के मेट्रो चलायी जा रही है। ड्राइवरलेस मेट्रो ने पहली बार में दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन पर बोटैनिकल गार्डन और जनकपुरी पश्चिम के बीच का सफ़र तय किया।

दिल्ली मेट्रो की सांकेतिक तस्वीर। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो का शुभारंभ किया।इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो उस  लिस्ट में शामिल हो गयी जहाँ बिना ड्राइवर के मेट्रो चलायी जा रही है। ड्राइवरलेस मेट्रो ने पहली बार में दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन पर बोटैनिकल गार्डन और जनकपुरी पश्चिम के बीच का सफ़र तय किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उदघाटन किया। इसके साथ  ही पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो के लिए नेशनल मोबिलिटी कार्ड भी जारी किया। इस कार्ड से यात्रा करने के लिए कोई टोकन या टिकट नहीं खरीदना होगा।.

मजेंटा लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो के उदघाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज से लगभग 3 साल पहले मजेंटा लाइन के उदघाटन का सौभाग्य मिला था। आज फिर इसी रुट पर देश की पहली ऑटोमेटेड मेट्रो का उदघाटन करने का अवसर मिला। ये दिखाता है कि भारत कितनी तेजी से स्मार्ट सिस्टम की तरफ आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज नेशनल कॉमन मॉबिलिटी कार्ड से भी मेट्रो जुड़ रही है। पिछले साल अहमदाबाद से इसकी शुरुआत हुई थी। आज इसका विस्तार दिल्ली मेट्रो की एयर पोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर हो रहा है। साथ ही नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कुछ दशक पहले जब शहरीकरण का असर और प्रभाव बिल्कुल साफ था उस समय अलग ही रवैया देश ने देखा। देश की ज़रूरतों को लेकर उतना ध्यान नहीं था, आधे-अधूरे मन से काम होता था और भ्रम की स्थिति बनी रहती थी। 

इस मौके पर उन्होंने अटल जी को याद करते हुए कहा कि दिल्ली में मेट्रो की चर्चा बरसों तक चली लेकिन पहली मेट्रो अटल जी के प्रयास से चली। उन्होंने आगे कहा “ 2014 में सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो रेल थी। लेकिन आज 18 शहरों में मेट्रो रेल की सेवा है। वर्ष 2025 तक हम इसे 25 से ज़्यादा शहरों तक विस्तार देने वाले हैं, साल 2014 में देश में सिर्फ 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन्स आपरेशनल थीं। आज ये करीब तीन गुनी यानी सात सौ किलोमीटर से ज़्यादा है”।

चालक रहित मेट्रो के शुरुआत के मौके पर डीएमआरसी ने बताया कि ये मेट्रो ट्रेनें पूरी तरह से स्वचालित होंगी। जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता कम से कम होगी। इसके मानवीय गलती होने की आशंका भी लगभग खत्म हो जाएगी। इन ट्रेनों को कंट्रोल रूम से कमांड दिया जाएगा। मजेंटा लाइन के 37 किलोमीटर हिस्से पर ड्राइवरलेस मेट्रो का परिचालन शुरू होने के बाद अगले साल मई-जून तक पिंक लाइन पर शिव विहार और मजलिस पार्क के बीच यह मेट्रो चलेगी।

 क्या है नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड :

दरअसल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड डिजिटल भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) को ‘वन नेशन, वन कार्ड’ के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यह एक कॉन्टैक्टलेस एटीएम कार्ड की तरह काम करेगा। इस एक कार्ड से उपभोक्ता कई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। आने वाले दिनों में इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को अलग-अलग तरह के कार्ड रखने की जरूरत नहीं होगी।

इस कार्ड को पिछले साल ही अहमदाबाद में लांच किया गया था। अब इसे दिल्ली मेट्रो में भी जोड़ दिया गया है। यही नहीं आने वाले समय में सरकार की योजना है कि ‘वन नेशन, वन कार्ड’ की व्यवस्था पूरे देश में लागू की जाए। जिससे लोगों को अलग-अलग स्मार्ट कार्ड लेकर चलने की जरुरत ना हो।

देश के तमाम निजी और सरकारी बैंक अब ऐसे डेबिट-क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे हैं जिनमें नेशनल कॉमन मोबेलिटी कार्ड वाली सुविधा होती है। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड बनवाने के लिए जिस बैंक में आपका अकाउंट है वहां संपर्क कर सकते हैं। फिलहाल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड देश भर के 25 बैंकों में उपलब्ध हैं। इस कार्ड को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान में कैशबैक का भी ऑफर दिया जा रहा है।

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