ताज़ा खबर
 

दादरी पर टूटी मोदी की चुप्पी, विपक्ष पर लगाया ‘ध्रुवीकरण’ का आरोप

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए आज दादरी हत्याकांड और गुलाम अली के कंसर्ट का विरोध किए जाने को ‘‘अवांछित और दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया और साथ ही स्पष्ट किया..

Author कोलकाता | October 14, 2015 5:52 PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए आज दादरी हत्याकांड और गुलाम अली के कंसर्ट का विरोध किए जाने को ‘‘अवांछित और दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया और साथ ही स्पष्ट किया कि इन घटनाओं से उनकी सरकार का कुछ लेना देना नहीं है तथा विपक्ष ‘‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’’ और ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर यह आरोप भी लगाया कि वह संप्रदायवाद का हौव्वा खड़ा कर अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रहा है। मोदी ने आनंद बाजार पत्रिका से बातचीत में कहा, ‘‘ दादरी घटना या पाकिस्तानी गायक का विरोध अवांछित और दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन इन घटनाओं से केंद्र सरकार का क्या संबंध है?’’

यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है जहां गौमांस खाने की अफवाहों पर एक व्यक्ति की भीड़ ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। हालांकि प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह पुरजोर अपील करते हुए कहा था कि हिंदुओं और मुसलमानों को एक दूसरे से नहीं बल्कि गरीबी से लड़ना चाहिए। उन्होंने सहिष्णुता और आपसी सम्मान जैसे मूल भारतीय मूल्यों को बनाए रखने के राष्ट्रपति के आह्वान का भी हवाला दिया था।

प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर ‘चुप्पी’ के लिए विपक्ष की आलोचनाओं की जद में आने के बाद पिछले सप्ताह एक चुनाव सभा में इस बारे में टिप्पणी की थी। भाजपा की सहयोगी शिवसेना द्वारा मुंबई में पिछले सप्ताह गुलाम अली के कार्यक्रम को बाधित करने की धमकी देने के बाद गजल सम्राट के कंसर्ट को रद्द किए जाने की घटना पर प्रधानमंत्री ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

ऐसी घटनाओं पर अपनी पार्टी के दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा, ‘‘भाजपा ने कभी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं किया। विपक्ष ऐसे मुद्दे उठाकर भाजपा के खिलाफ संप्रदायवाद का हौव्वा खड़ा कर रहा है लेकिन क्या वे खुद ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं कर रहे हैं?’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘पहले भी इस प्रकार की बहस होती रही है। भाजपा ने हमेशा छद्म धर्मनिरपेक्षता का विरोध किया है। अब फिर से दुर्भाग्यपूर्ण सामाजिक बेचैनी के बीच इस प्रकार की बहस हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बहस को वार्ता और विचार विमर्श के जरिए सुलझाया जा सकता है।’’

मोदी ने दावा किया कि वे पार्टियां ऐसा दुष्प्रचार कर रही हैं जो अल्पसंख्यकों का विकास नहीं चाहतीं और उन्हें एक वोट बैंक की तरह देखती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App