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अब मोदी करें साफ कितनी जमीन चीन के पास- सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र पर दागे सवाल, युद्ध के लिए ललकारा

उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद देश में बढ़ते हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक तनाव पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा कि भारत में एक सभ्य हिंदू-मुस्लिम संबंध बनाए रखने का एक ही तरीका है कि पाकिस्तान को चार नए राष्ट्रों में तोड़ दिया जाए।

Subramanian swamy, BJP
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (फोटो सोर्स: PTI)

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर चीन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। हाल ही में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अब समय आ गया है कि मोदी यह स्पष्ट करें कि चीन ने कितने अविवादित भारतीय क्षेत्र को निगल लिया है? जिसके बाद उसे हासिल करने के लिए हमें चीन से युद्ध करना होगा।

सुब्रमण्यम स्वामी ने ये भी कहा कि अगर पीएम मोदी चीन के सामने घुटने टेक रहे हैं तो हमारे पास यह कहने का नैतिक अधिकार है कि वह भारत की सत्ता को किसी ऐसे व्यक्ति को सौंप दें जो यह कर सकता है। इससे पहले भी चीन के मुद्दे पर हमला बोलते हुए स्वामी ने ट्वीट किया था कि चीन से लगे हमारे सीमावर्ती इलाकों से मिली जानकारी से पता चलता है कि चीन कश्मीर के लद्दाख और पाक अधिकृत इलाकों की तरफ सुनियोजित तरीके से पैर पसार रहा है। उन्होंने पूछा है कि क्या मोदी अब भी ब्रिक्स के साथ घूमेंगे?

चीन के साल 1993 और 1996 के समझौतों का उल्लंघन करने और एलएसी पार करने पर सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा था कि चीनियों के साथ दारू और डिनर कर लेने के बाद आखिर अब नींद खुल ही गई।

चीन ने किया समझौते का उल्लंघन: दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास की अनुमति नहीं देगा। पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद पर बातचीत करते हुये जयशंकर ने कहा था कि चीन ने 1993 और 1996 के समझौते का उल्लंघन करते हुये सीमा पर बड़ी तादाद में सैन्य तैनाती की।

इससे पहले सुब्रमण्यम स्‍वामी ने नूपुर शर्मा मामले पर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि खाड़ी देशों के सामने मोदी सरकार पूरी तरह से झुक गई है। बीजेपी नेता ने सिलसिलेवार ट्वीट में लिखा था, “मोदी सरकार के 8 वर्षों के दौरान, भारत माता को शर्म से सिर झुकाना पड़ा क्योंकि हम लद्दाख पर चीनियों के सामने रेंगते रहे, रूसियों के सामने घुटने टेकते रहे, क्वाड में अमेरिकियों के सामने झुके रहे। अब हमने छोटे से कतर के सामने साष्टांग दंडवत कर दिया है। यह हमारी विदेश नीति की कमियां हैं।”

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