पीएम मोदी बोले- ऐसे लोगों से सावधान रहें, जिन्हें चुनिंदा घटनाओं में दिखता है मानवाधिकारों का हनन

पीएम ने कहा कि मानवाधिकारों को राजनीतिक लाभ और हानि की नजर से देखना इन अधिकारों के साथ-साथ लोकतंत्र को भी नुकसान पहुंचाता है।

PM Modi
पीएम मोदी ने ये बातें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं। (फोटो: (Twitter/BJP)

पीएम मोदी ने मंगलवार को मानवाधिकारों के मुद्दे पर बात की। उन्होंने मानवाधिकारों पर आक्रोश जताने वालों के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे राजनीतिक चश्मे से देखना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इन दिनों मानवाधिकारों को अपने नजरिए से देखते हैं। वे कुछ मामलों में तो मानवाधिकारों के उल्लंघन को देखते हैं लेकिन इसी तरह के अन्य मामलों में नहीं देखते। हमें ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा।

पीएम मोदी ने ये बातें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएचआरसी के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अरुण मिश्रा भी शामिल हुए।

पीएम ने कहा कि मानवाधिकारों को राजनीतिक लाभ और हानि की नजर से देखना इन अधिकारों के साथ-साथ लोकतंत्र को भी नुकसान पहुंचाता है। लोकतंत्र के लिए पहले से ही चयनित व्यवहार करना हानिकारक है और इससे देश की छवि खराब होती है। हमें ऐसी राजनीति से सावधान रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशकों में ऐसे कई उदाहरण हैं जब दुनिया को गुमराह किया गया और इसने अपना रास्ता खो दिया, लेकिन भारत हमेशा मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

पीएम ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बारे में बात करते हुए कहा कि हमने सदियों से अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है और एक देश और समाज के रूप में हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ विरोध जताया है।

इस दौरान पीएम ने गरीबों को शौचालय, रसोई गैस, बिजली और घर जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए एनडीए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘तीन तलाक’ के खिलाफ कानून के बारे में भी बात की।

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के सत्ता में आने के बाद से सरकार ने गरीबी को दूर करने की कोशिश की है और मानवाधिकारों को जगह दी है। यह पहली बार है कि ट्रांसजेंडरों को संविधान के तहत अधिकार मिल रहे हैं।

जून में मानवाधिकार निकाय के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने वाले न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि NHRC ने अपनी स्थापना के बाद से 20 लाख से अधिक मामलों का समाधान किया है और पीड़ितों को 205 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया है।

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