ताज़ा खबर
 

कृषि कानूनों पर कुछ लोग कर रहे गुमराह, हर शंका के हल को हम तैयार- कच्छ में बोले PM मोदी

पीएम ने कहा कि कृषि सुधारों की मांग वर्षों सो की जा रही थी। अनेक किसान संगठन भी पहले से मांग करते थे कि अनाज को कहीं भी बेचने का विकल्प दिया जाए। किसानों को भ्रमित करने की साजिश चल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)।

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को 20 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है। इस बीच केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई बार बातचीत तो हुई है लेकिन सब चीजें बेनतीजा रही हैं। आज कच्छ में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसान भाई-बहनों से फिर कह रहा हूं कि उनकी हर शंका के समाधान के लिए सरकार 24 घंटे तैयार है। किसानों का हित पहले दिन से हमारी सरकार की प्राथमिकता रहा है। आज जो लोग विपक्ष में बैठकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, वो भी अपने समय में इन सुधारों का समर्थन करते रहे हैं। वो किसानों को बस झूठे दिलासे देते रहे। जब देश ने ये कदम उठा लिया तो वो अब किसानों को भ्रमित कर रहे है।

पीएम ने कहा कि देश पूछ रहा है कि अनाज और दाल पैदा करने वाले छोटे किसानों को फसल बेचने की आजादी क्यों नहीं मिलनी चाहिए। कृषि सुधारों की मांग वर्षों सो की जा रही थी। अनेक किसान संगठन भी पहले से मांग करते थे कि अनाज को कहीं भी बेचने का विकल्प दिया जाए। किसानों को भ्रमित करने की साजिश चल रही है। उन्हें डराया जा रहा है कि नए कृषि सुधारों के बाद किसानों की जमीन पर दूसरे कब्जा कर लेंगे। आप बताइए, कोई डेयरी वाला आपसे दूध लेने का कॉन्ट्रेक्ट करता है तो वो आपके पशु ले जाता है क्या?

कच्छ में विकास परियोजनाओं की नींव रखने से जुड़े कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने ये बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि आज कच्छ ने नए दौर की तकनीक और नई दौर की अर्थव्यवस्था दोनों ही दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है। पीएम ने कहा कि इसका बहुत बड़ा लाभ यहां के मेरे आदिवासी भाई-बहनों, यहां के किसानों-पशुपालकों, सामान्य जनों को होने वाला है। पीएम ने कहा खावड़ा में अक्षय ऊर्जा पार्क हो, मांडवी में डिसैलिनेश प्लांट हो और अंजार में सरहद डेहरी के नए ऑटोमैटिक प्लांट का शिलान्यास, तीनों ही कच्छ की विकास यात्रा में नए आयाम लिखने वाले हैं।

पीएम ने कहा कि आज कच्छ देश के सबसे तेज़ी से विकसित होते क्षेत्रों में से एक है। यहां की कनेक्टिविटी दिनों दिन बेहतर हो रही है। मैं भूल नहीं सकता वो समय में जब लोगों की एक ही मांग हुआ करती थी कि रात को खाना खाते समय बिजली हो। चीजें बदल चुकी हैं। आज की पीढ़ी को पहले की असुविधाओं का पता नहीं है।

पीएम ने कहा कि पिछले बीस वर्षों में, गुजरात ने कई किसान हितैषी योजनाओं की शुरुआत की। गुजरात सौर ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के लिए सबसे पहले काम करने वालों में से था। 21 वीं सदी में सुरक्षा और जल सुरक्षा महत्वपूर्ण है। कच्छ की पानी की समस्या को कौन भूल सकता है। जब हमारी टीम ने कच्छ में नर्मदा का पानी मिलने की बात कही, तो हमारा मज़ाक उड़ाया गया। अब, नर्मदा का पानी कच्छ तक पहुंच गया है और मां नर्मदा के आशीर्वाद से, कच्छ प्रगति कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ बदलते रहना होगा और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना होगा। इस संबंध में मैं कच्छ में किसानों की सराहना करना चाहता हूं। वे विदेशों में फल निर्यात कर रहे हैं। यह अभूतपूर्व है और हमारे किसानों के अभिनव उत्साह को इंगित करता है। पिछले दो दशकों में गुजरात में कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र समृद्ध हुए हैं। कारण है- सरकार का न्यूनतम हस्तक्षेप। किसानों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए गुजरात ने क्या किया। जो कृषि सुधार हुए हैं, वे ठीक वैसा ही है जैसे किसान निकाय और यहां तक ​​कि विपक्षी दल भी वर्षों से पूछते रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार हमेशा किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

Next Stories
1 मध्यप्रदेश में खदान से मिला 60 लाख का हीरा, किसान बन गया लखपति
2 जब वकील ने कहा 5 बार ‘नो’ तो जज ने लगा दी फटकार, कहा- आप से अधिक गहराई से हम पढ़ते हैं फाइल
3 कोरोना वैक्सिनेशन की तैयारियां सिर पर! केंद्र से बोला SC- 7-8 माह से जुटे डॉक्टरों को आराम देने पर करें विचार
यह पढ़ा क्या?
X