प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के तीन या चार देश ही ऐसे हैं जिनके पर हाइड्रोजन चलाने का समर्थ हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जींद से सोनीपत तक चलने वाली दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन हैं। यह ट्रेन 3200 हॉर्स पावर की है और यह सबसे लंबी है। प्रधानमंत्री ने यह 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन है। जिसके जरिए भारत ने दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन धुआं रहित है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ट्रेन को भारत के इंजीनियरों ने डिजाइन किया है। उन्होंने कहा कि जींद में इसके लिए कई व्यवस्थाएं बनाई गई। उन्होंने कहा कि आगे जींद में हाइड्रोजन से अन्य चीजें भी तैयार होंगी। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में रेल में बहुत बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज जींद का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है।

मोदी ने शुक्रवार को कहा कि अगर हम रेल के इतिहास पर नजर डालें तो पाते हैं कि 19वीं सदी की रेलगाड़ियों की पहचान भाप इंजन थे। 20वीं सदी की पहचान डीजल और बिजली से चलने वाली ट्रेनें बनीं, और अब 21वीं सदी की रेलगाड़ी हाइड्रोजन से चलने वाली है।

उन्होंने खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने का वादा करते हुए कहा कि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भी आकांक्षा रखता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे संघर्ष और भारत के महत्वपूर्ण आयात पर इसके प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर यह स्थिति 2014 से पहले उत्पन्न हुई होती तो हमारी रेल व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो जाती। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे के अधिकांश वाहन डीजल पर चलते थे।

पीएम मोदी ने जींद-सोनीपत रूट पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा बनाई गई यह नई ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। 89 किमी लंबा यह हिस्सा नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में आता है। पढ़ें पूरी खबर।